प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप प्रशासन को बाहर से आने वाले कुशल पेशेवरों की तादाद में कटौती के मामले में संतुलित और दूरदृष्टि भरा रवैया अपनाने की सलाह दी है। ट्रंप प्रशासन की ओर से एच1-बी वीजा में कटौती के इरादे के मद्देनजर पीएम का यह बयान बेहद अहम है। भारतीय आईटी कंपनियां एच1-बी वीजा पर अपने कर्मचारियों को अमेरिका भेजती हैं। इसके साथ ही भारतीय छात्र भी एच1-बी वीजा पर अमेरिका में पढ़ाई करने जाते हैं। अमेरिकी संसद के 26 सदस्यों के एक दल का स्वागत करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन और संसद में बदलाव के बाद इस दौरे की वजह से भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों को अच्छी शुरुआत मिलेगी। मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई अपनी सकारात्मक बातचीत को याद किया और पिछले ढाई साल में मजबूत हुए अमेरिका-भारत संबंध को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

इस संबंध में पीएमओ के एक बयान में कहा गया है कि मोदी ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर भारत-अमेरिका साझेदारी को समर्थन करने के लिए अमेरिकी सांसदों को धन्यवाद दिया। भारत-अमेरिका की साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में कुशल भारतीय पेशेवरों की प्रतिभा की ओर ध्यान दिलाया। साथ ही कहा कि अमेरिका में कुशल मानव संसाधनों को आने देने के संदर्भ में संतुलित और दूरदृष्टि भरा रवैया अपनाया जाना चाहिए।

PM मोदी ने ट्रंप प्रशासन को दी सलाह

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