kgmu_1460966189

लखनऊ. किंग जॉर्ज मेडि‍कल यूनि‍वर्सि‍टी (केजीएमयू) अब इलाज के साथ-साथ पेशेंट फ्रेंडली भी बनेगा। भारत सरकार की ओर से चलाए जा रहे स्‍वच्‍छता मि‍शन अभि‍यान के तहत केजीएमयू स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के उस आदेश को लागू करने जा रहा है, जि‍समें दि‍न के हि‍साब से अलग-अलग रंग की चादरें मरीजों के बेड पर होने की बात कही गई है। इससे न केवल संस्‍थान पेशेंट फ्रेंडली बन सकेगा, बल्‍कि इको फ्रेंडली भी बन सकेगा। इलाज के साथसाथ कलर थेरेपी भी करेगी इलाज में मदद

-डॉक्‍टर्स बताते हैं कि रंगों का हमारे मूड, सेहत और सोच पर गहरा असर पड़ता है।

-शरीर के सभी अवयवों का रंग अलग-अलग है। शरीर के समस्‍त सेल्‍स रंगीन होते हैं।

-शरीर का कोई अंग बीमार होता है तो उसके केमि‍कल कम्‍पाउंड के साथ-साथ रंगों का भी असंतुलन हो जाता है।

-रंग चिकित्सा उन रंगों को संतुलित कर देती है, जिसके कारण रोग का निवारण हो जाता है।

-कलर थेरेपी में इनडायरेक्ट टेक्निक और इंट्रेक्टिव टेक्निक से इलाज होता है।

-इनडायरेक्ट टेक्निक में मरीज के कमरे में रोग से जुड़े हुए रंगों का प्रयोग होता है।

-मसलन, कमरे की दीवारों से लेकर पर्दे और बेडशीट आदि का इस्तेमाल किया जाता है।

-इंट्रेक्टिव टेक्निक में रोगी को सीधे तौर पर रंगों से जोड़ा जाता है।

-इसके लिए मरीज के विकार की प्रकृति के अनुसार ही रंग का चयन किया जाता है।

-इसके तहत मन की बात कागज पर उतारने के लिए पेशेंट को उसकी इच्छानुसार ही कागज पर ड्रॉइंग और स्केच आदि बनाने को कहा जाता है।

-इस टेक्निक में पीड़ित व्यक्ति को 10 से 15 मिनट का समय दिया जाता है।

-इतने समय में ही रोगी को रंगों के माध्यम से पेपर या कैनवास पर अपने मन की बात उकेरनी होती है।

-इससे ज्यादा समय का इस्तेमाल करने से नेगेटिव इफेक्ट हो सकता है। यह तकनीक मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालती है।

-जरूरत पड़ने पर इस तकनीक में सूरज की रोशनी में मौजूद संबंधित रंगों को रोगी के शरीर के उस हिस्से में प्रवेश कराया जाता है, जिसमें विकार होता है।

दि के हिसाब से इस कलर की होंगी चादरें, ये रंगों का लाभ

दि‍न रंग महत्‍व
सोमवार सफेद हाई बीपी, डिप्रेशन, हाइपरटेंशन में लाभकारी
मंगलवार गुलाबी मानसि‍क रोग, स्‍ट्रेस में लाभकारी
बुधवार ग्रीन घावों भरने, आंखों के वि‍कार और सेल्‍फ कंट्रोल में लाभकारी
गुरुवार पीला रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, ब्रेन, लीवर को मजबूत करता है
शुक्रवार हल्‍का बैंगनी न्‍यूरो से संबंधित बीमारि‍यों को दूर करने में लाभकारी
शनि‍वार नीला नींद न आना, महिलाओं से संबंधित रोग, पायरिया और टॉन्सिल
रवि‍वार हल्‍का भूरा डायबि‍टीज में लाभकारी

पेशेंट फ्रेंडली के साथ शिकायतों पर भी लगेगा विराम

मंत्रालय के इस आदेश को लागू करने के पीछे संस्‍थान के कुलपति‍ प्रो. रवि‍कांत का मानना है कि‍ इससे पेशेंट फ्रेंडली होने के साथ मरीज के बेड की चादर न बदले जाने की शि‍कायतों पर भी वि‍राम लगेगा। अब दि‍न के हि‍साब से अलग-अलग रंग की चदर होगी तो यह पता चल सकेगा कि‍ बदली गई है या नहीं।

 

KGMU: मरीजों के बेड की चादरें हर दिन होंगी अलग-अलग रंग की, ये हैं फायदे

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
About The Author
-