न्‍यूयॉर्क। अमेरिका में भारतीय आईटी एक्‍सपर्ट्स को मिलने वाली एच1बी वीजा सुविधा पर नियम बदल सकते हैं। अटॉर्नी जनरल पद के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नॉमिनी ने संकेत दिए हैं कि वो जल्द ही एच-1बी और एल-1 वीजा के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एच-1बी वीजा में कटौती करके भारतीय पेशेवरों को रोकने की कवायद कर रहे हैं ताकि ये नौकरियां केवल स्थावनीय अमेरिकियों को ही मिल सकें। अमेरिकी कांग्रेस में एच1बी वीजा को प्रभावित करने वाले बिल नए रूप में से पेश किए गए थे।

इसके बाद से देश में कार्यरत आईटी कर्मचारियों के अलावा अन्य क्षेत्रों के बेहतर कर्मचारियों के लिए समय बदलने वाला है। इनमें रिसर्च एनालिस्टे, वित्तीरय सलाहकार, वेब डेवलपर्स, टीचर, कलाकार, मेडिकल कर्मी और फार्मेसी आदि शामिल हैं। इनमें से अधिकांश का वेतन 60 हजार से 1 लाख डॉलर के बीच है।

अमेरिकी कांग्रेस में नया प्रस्तािवित विधेयक इन सभी कर्मचारियों को आईटी क्षेत्र की तरह की प्रभावित करने वाला है। पुणे, बेंगलुरु और गुरुग्राम सहित अलग-अलग शहरों में इन आईटी कंपनियों के डेवलपमेंट सेंटर्स हैं, उन्हें भी इसका असर झेलना पड़ सकता है।

H1-B वीजा नियम, भारतीयों को हो सकता है नुकसान

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