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दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2016-17 में दाखिले के लिए जारी की गई पहली कट ऑफ में सौ फीसदी पर ब्रेक लग गया है। डीयू प्रशासन की कॉलेजों को दी गई हिदायत का असर है कि इस बार किसी कॉलेज में किसी विषय में कट ऑफ सौ फीसदी तक नहीं गई है।

कैंपस कॉलेजों की बात करें तो इस बार बीकॉम ऑनर्स ने उछाल मारा है। रामजस कॉलेज ने बीते साल की तरह इस बार भी बीकॉम ऑनर्स की कट ऑफ एसआरसीसी से ज्यादा रखी है। सभी कॉलेजों में सर्वाधिक रामजस कॉलेज में बीकॉम ऑनर्स की कट ऑफ 99.25 रही है।

वहीं, रामजस ने बीकॉम के लिए अपनी कट ऑफ 98.75 रखी है। लेकिन यदि कोई छात्र स्ट्रीम बदलकर यहां बीकॉम में दाखिला लेना चाहेगा तो उसे कम से कम 103.75 अंक चाहिए होंगे।

अगर कश्मीरी विस्थापित छात्र स्ट्रीम बदलकर दाखिला लेना चाहेंगे तो उनके उन्हें 102.5 अंक और इसी तरह से ओबीसी छात्र को 101 अंकों पर दाखिला मिल पाएगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि उसके अंकों में से पांच फीसदी कटौती होगी और तकनीकी रूप से दाखिले के लिए उसे ज्यादा अंक चाहिए होंगे।

छात्रों की पहली पंसद एसआरसीसी ही होता है। इस तरह कट ऑफ पर रामजस में शायद ही पहली सूची में दाखिला हो पाए। रामजस ने बीकॉम के लिए 98.75, बीएससी केमिस्ट्री केलिए 98, बीएससी गणित के लिए 98, बीएससी सांख्यिकी के लिए 98.5 कट ऑफ निकाली है। एसआरसीसी में अर्थशास्त्र ऑनर्स की कट ऑफ 98.25 रही है।

डीयू की कट ऑफ लिस्ट पर नजर डालें तो बीते साल कंप्यूटर साइंस में दो कॉलेजों ने सौ फीसदी कट ऑफ जारी की थी, लेकिन इस बार कंप्यूटर साइंस में सर्वाधिक कट ऑफ पीजीडीएवी कॉलेज की 98 फीसदी रही है।

उसके बाद किरोड़ीमल व हिंदू की कट ऑफ इस कोर्स में 97.33 फीसदी है। वहीं इस बार खालसा कॉलेज ने बीएससी इलेक्ट्रानिक की कट ऑफ 99 फीसदी निकाल कर हैरान कर दिया है।  कॉलेजों में अंग्रेजी ऑनर्स की बात की जाए खालसा कॉलेज ने इस कोर्स की सबसे अधिक 98.75 फीसदी कट ऑफ निकाली है।

अंग्रेजी में लेडी श्रीराम कॉलेज में 98.25, दयाल सिंह में 98 फीसदी कट ऑफ रही है। मोटे तौर पर देखा जाए तो 0.25 फीसदी से लेकर तीन फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हालांकि यह बढ़ोतरी बीते वर्षों जैसी नहीं है।

किरोड़ीमल कॉलेज में तो संस्कृत ऑनर्स की कट ऑफ में 10 फीसदी की गिरावट की गई है। इतिहास ऑनर्स की बात की जाए तो सबसे अधिक हिंदू ने 97.75 फीसदी कट ऑफ निकाली है। उल्लेखनीय है कि पहली बार एससी-एसटी व ओबीसी की तरह  ही कश्मीरी विस्थापितों के लिए भी अलग से कट ऑफ जारी की गई है।

99% वालों को ही अभी मिलेगा डीयू में एडमिशन

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