आतंकवाद के पनाहगाह पाकिस्तान के खिलाफ ट्रंप प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। अब पाकिस्तान के नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश करने से पहले कड़ी जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस बाबत एक सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और सऊदी अरब को प्रतिबंध वाले सात देशों की सूची में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन इन देशों के नागरिकों को कड़ी जांच के बाद ही अमेरिका में प्रवेश करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर तनिक भी आशंका हुई कि इन देशों के नागरिक अमेरिका के लिए दिक्कत पैदा करेंगे, तो इनको प्रवेश की इजाजत नहीं दी जाएगी। एबीसी न्यूज को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने यह भी कहा कि वह सात मुस्लिम बहुल देशों के लोगों के अमेरिका में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश देने जा रहे थे, लेकिन जनता के विरोध के चलते इसमें देरी हो रही है। 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद से ट्रंप ने आतंकी गुटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और ओबामा से लेकर आव्रजन में बदलाव समेत कई अहम कदम उठाए हैं।

इसके अतिरिक्त ट्रंप प्रशासन की ओर से अमेरिका में रह रहे मुसलमानों की जानकारी जुटाए जाने की चर्चा पर न्यूयॉर्क में लोग सड़कों पर उतर आए थे। अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री मेडीलेन अलब्राइट ने कहा कि अगर अमेरिका में रह रहे मुस्लिमों की जानकारी जुटाई गई, तो मुसलमानों के साथ एकजुटता दिखाते हुए वह सबसे पहले खुद की जानकारी पंजीकृत कराएंगी।

वहीं, ट्रंप ने मुसलमानों पर प्रतिबंध को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, बल्कि आतंकवाद का गढ़ बने देशों से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लोगों की सुरक्षा उनकी शीर्ष प्राथमिकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत प्रेम ने पाकिस्तान की टेंशन बढ़ा दी है। ट्रंप के भारत के करीब आने को लेकर पड़ोसी देश पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तानी विशेषज्ञ और राजनेता इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि ट्रंप शासन में अमेरिका और भारत के करीब आने से पाक पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का खासा दबाव बढ़ेगा।

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