jobs_1458380098

पंचायतीराज विभाग में पंचायत सहायक, चौकीदार व एकाउंटेंट जैसे पदों की भर्ती में गड़बड़झाले की बू आने लगी है। यहां 19554 पदों पर भर्तियां होनी हैं। आठ सेवा प्रदाता एजेंसियों को इस काम में लगाया गया है, पर एजेंसी के चयन से लेकर भर्ती की कार्यवाही तक गुपचुप चल रही है।

केंद्र सरकार 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के क्रम में पंचायतों को भारी रकम का आवंटन कर रही है। इसके तहत पहली बार पंचायतों के लिए अतिरिक्त मैनपावर की चिंता की गई है। क्षेत्र पंचायत व न्याय पंचायत स्तर पर कई पदों का प्रावधान किया गया है।

पदों के सृजन से लेकर भर्ती की कार्यवाही तक पूरी जिम्मेदारी पंचायतीराज विभाग को निभानी है। इसके लिए मानदेय आदि की व्यवस्था 14वें वित्त आयोग से पंचायतों को मिलने वाली रकम के तकनीकी व प्रशासिनक मद से की जानी है।

जानकार बताते हैं कि पंचायतीराज विभाग ने इस पर कार्यवाही करते हुए न्याय पंचायत स्तर पर पंचायत सहायक सह कंप्यूटर ऑपरेटर व चौकीदार तथा क्षेत्र पंचायत स्तर पर अवर अभियंता (सिविल), एकाउंटेंट (लेखाकार) व कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे पद सृजित किए। गुपचुप तरीके से इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तय कर सेवा प्रदाता एजेंसियों को भर्ती का काम सौंप दिया गया।

एजेंसियां अपने हिसाब से भर्ती की कार्यवाही में जुटी हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी शासनादेश तभी वैध माना जाएगा जब वह सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन जारी किया जाए, पर पंचायत सहायक व अन्य पदों के सृजन, मानदेय के निर्धारण, सेवा प्रदाता एजेंसियों के चयन, भर्ती की प्रक्रिया और भर्ती होने वाले कार्मिकों की जिम्मेदारी से जुड़ा कोई भी आदेश-निर्देश इस वेबसाइट पर भी उपलब्ध नहीं है। इससे इस भर्ती को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

शिकायतें आनी शुरू हो गई हैं कि कई सेवा प्रदाता एजेंसियां आवेदकों से भर्ती के लिए छह से सात महीने के मानदेय के बराबर पैसे की मांग कर रही हैं। हालांकि महकमे को इसकी लिखित शिकायत का इंतजार है।

पदनाम–कुल पद–मानदेय (रुपये)
पंचायत सहायक–8135 (न्याय पंचायत)–15000
चौकीदार–8135–(न्याय पंचायत)–9000
अवर अभियंता (सिविल)–1642–(क्षेत्र पंचायत)–25000
एकाउंटेंट (लेखाकार)–821(क्षेत्र पंचायत)–25000
कंप्यूटर ऑपरेटर–821 (क्षेत्र पंचायत)–15000

पदनाम–योग्यता
पंचायत सहायक–इंटरमीडिएट एवं नायलेट से सीसीसी या समकक्ष
चौकीदार–साक्षर
अवर अभियंता–डिप्लोमा सिविल व कंप्यूटर ज्ञान अनिवार्य
एकाउंटेंट–बीकॉम व नायलेट से सीसीसी या समकक्ष
कंप्यूटर ऑपरेटर–इंटरमीडिएट व नायलेट से सीसीसी या समकक्ष

– सेवा प्रदाता एजेंसियों को भर्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई है लेकिन वे आवेदकों में किस तरह लोगों को चयन करेंगी यह पता नहीं है।

– भर्ती प्रक्रिया में हर योग्य व्यक्ति को भागीदारी का अवसर मिले और उसका चयन निष्पक्ष तरीके से हो, यह कैसे सुनिश्चित होगा।

– चौकीदार के लिए साक्षर लोगों में से उपयुक्त का चयन कैसे होगा, यह स्पष्ट नहीं है।

– नायलेट एक सरकारी संस्था है। पंचायत सहायक, एकाउंटेंट व कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए इस संस्था का सीसीसी सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है। नायलेट का सर्टिफिकेट न होने पर सीसीसी के समकक्ष कम से कम तीन महीने का कंप्यूटर कोर्स किसी मान्यता प्राप्त संस्था से प्राप्त होने की शर्त रखी गई है। विभाग की नजर में ऐसी मान्यता प्राप्त संस्थाएं कौन-कौन सी हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है।

– अवर अभियंता के लिए कंप्यूटर का ज्ञान अनिवार्य किया गया है लेकिन इसके लिए किस स्तर का सर्टिफिकेट या डिग्री चाहिए, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है।

इस पर प्रमुख सचिव पंचायतीराज चंचल कुमार तिवारी का कहना है कि न्याय पंचायत व क्षेत्र पंचायत स्तर पर विभिन्न पदों पर भर्ती होनी है। नियमानुसार भर्ती हो, इसके लिए पंचायतीराज निदेशक को जिम्मेदारी दी गई है। वह सेवा प्रदाता एजेंसियों के जरिये भर्ती की कार्यवाही कराएंगे। भर्ती से जुड़ी पूरी सूचना विभाग की वेबसाइट पर होनी चाहिए। इसके लिए निदेशक  पंचायतीराज को निर्देशित करेंगे।

वहीं, पंचायतीराज के निदेशक अनिल कुमार दमेले का कहना है ये भर्तियां 8 सेवा प्रदाता एजेंसियों के जरिये की जानी हैं। इन्हें मंडल व जिले आवंटित किए गए हैं। एजेंसियों का चयन मेरे कार्यभार संभालने के पहले टेंडर से हो चुका था। एजेंसियों से प्राप्त कर्मी योग्यता के मानदंड पर खरे उतरते हैं या नहीं, यह जिलाधिकारी नियुक्ति देते समय देखेंगे।

यदि सेवा प्रदाता एजेंसियों के खिलाफ मनमानी या पैसे मांगने की लिखित शिकायत आती है तो उसकी जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। भर्ती से जुड़े सभी आदेश-निर्देश जल्द ही वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

19,554 पदों पर होने वाली भर्ती में गड़बड़ी की आशंका

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
About The Author
-