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बोगी में फंसी एक मेडिकल स्टूडेंट ने 12 घंटे तक मौत से संघर्ष किया। इस दौरान वह अपने घर वालों से फोन पर बात भी करती रही। कई बार बेहोश हुई और होश आया तो घर वालों को व्हाट्स एप पर मैसेज भी किए। एनडीआरएफ ने उसे निकाला तो बाहर आते ही सदमे से उसकी सांस थम गई।

बक्सर पटना बिहार की तीस साल की कोमल भोपाल में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। वह बी 3 कोच में यात्रा कर रही थी। उसके कमर के नीचे का हिस्सा फंस गया था। इसलिए निकल नहीं पा रही थी। वह लोगों से मदद की गुहार लगाती रही लेकिन इस तरह फंसी थी कि कोई उसे निकाल नहीं पा रहा था। दोपहर तीन बजे एनडीआरएफ की टीम उस तक पहुंची तो वह बात कर रही थी। जैसे ही टीम ने उसे निकाला वैसे ही दम तोड़ दिया। उसके हाथ में मोबाइल था।

टीम के सदस्यों ने जब मोबाइल देखा तो खुलासा हुआ कि वह कोच में फंसे होने के दौरान कई लोगों को फोन कर चुकी थी। व्हाट्स एप पर मैसेज भी किए थे। कॉल डिटेल के आधार पर फोन मिलाया गया तो उधर से अपना नाम आलोक सिंह बताया गया। आलोक सिंह ने बताया कि वह कोमल की बुआ का लड़का है। नोएडा से पुखराया के लिए निकल चुका है। एनडीआरएफ की टीम ने उसे हादसे में कोमल की मौत की जानकारी दी।

12 घंटे पल-पल मौत से लड़कर हारी ‘कोमल’

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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