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परिषदीय स्कूल में पढ़ाई और मिड डे मील की गुणवत्ता की हकीकत बुधवार को जिलाधिकारी राजशेखर के निरीक्षण में फिर से सामने आ गई। कक्षा तीन का बच्चा शब्द ‘टेंपो’ भी ढंग से नहीं पढ़ पाया। टेंपो को उसने मोटर पढ़ा।

मिड डे मील का हाल तो उससे भी बुरा रहा। जिलाधिकारी को बच्चों को दिए गए राजमा-चावल में कीड़े मिले। गंदगी में रखे खाने के बर्तनों पर बुरी तरह से मक्खियां भिनभिना रही थीं। जिलाधिकारी राजशेखर को यह स्थिति बुधवार को प्राथमिक विद्यालय जियामऊ में निरीक्षण के दौरान मिली।

पढ़ाई और मिड-डे मील दोनों की हालत देखकर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने शिक्षिका को फटकार लगाई। मिड डे मील में खाने की गुणवत्ता पर जिलाधिकारी ने संतोष जाहिर किया लेकिन रख-रखाव की गड़बड़ी होने की वजह से उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट देने को कहा है।

जिलाधिकारी राजशेखर ने बुधवार को प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। विद्यालय में कक्षा एक से लेकर पांच तक में पंजीकृत 102 बच्चों के बजाय केवल 53 ही उपस्थित मिले।

स्कूल के तीन में से एक कमरा जर्जर होने की वजह से केवल दो ही कमरों में कक्षाएं चलने की बात इंचार्ज शिक्षिका ने कही हांलाकि बुधवार को सभी बच्चे एक ही कमरे में बिठाए गए थे। इस पर उन्होंने इंचार्ज अध्यापिका नदीम सरताज को चेतावनी दी।

स्कूल में उस समय सहायक अध्यापिका ज्योति तिवारी उपस्थित थीं। जबकि अन्य शिक्षिका रचना यादव बिना किसी सक्षम अधिकारी से छुट्टी लिए गैर हाजिर रहीं। जिलाधिकारी ने इसको लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई करने के लिए कहा है।

स्कूल के सामने रैन बसेरा बना हुआ तथा विद्यालय के बीच में दीवार या गेट नहीं है। इस पर भी जिलाधिकारी ने आपत्ति जताई। उन्होंने दोनों के बीच गेट बनवाने के लिए निर्देश दिया। इस काम के लिए उन्होंने 20 जुलाई तक का समय दिया है।

जिलाधिकारी ने इंचार्ज शिक्षिका से कक्षा दो में पंजीकृत और उपस्थित बच्चों की संख्या पूछी। जवाब सुनकर वह चौंक गए। कक्षा दो में कुल 29 बच्चे पंजीकृत थे।

इनमें से मौके पर केवल पांच बच्चे ही उपस्थित थे। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने स्कूल में उपस्थिति बढ़ाने के लिए कहा।

जिलाधिकारी ने खाना देने वाली संस्था अक्षयपात्र फाउंडेशन को क्लीन चिट देते हुए कहा कि खाने की गुणवत्ता ठीक थी। गड़बड़ी केवल खाने के रख-रखाव को लेकर भी। इसलिए टीचर्स को साफ-सफाई रखने के लिए कहा गया है।

जिलाधिकारी ने विद्यालय में राजमा में कीड़े होने तथा बर्तनों की गंदगी पर बीएसए प्रवीण मणि त्रिपाठी को 13 जुलाई तक रिपोर्ट देने को कहा है। विद्यालय में हैंडपंप और शौचालय होने पर जिलाधिकारी ने संतोष जताया।

हिंदी के ढाई अक्षर नहीं पढ़ पाया कक्षा तीन का बच्चा

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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