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उत्तराखंड में सियासी घमासान जारी है। नैनीताल हाई कोर्ट के सूबे में राष्ट्रपति शासन हटाने के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। केंद्र सरकार ने दो जजों की बेंच के सामने अपील की है जिसके बाद बेंच ने कहा कि इस पर चीफ जस्टिस निर्णय लेंगे। जहां एक तरफ चीफ जस्टिस तीन द‍िन की छुट्टी पर हैं वहीं केंद्र चाहती है कि इस पर जल्‍द सुनवाई हो क्‍योंकि 29 अप्रैल को फ्लोर टेस्‍ट होना है।

एटॉर्नी जनरल ने कहा है कि फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले की कॉपी प्राप्‍त नहीं हुई है ऐसे में फैसले पर स्‍टे दिया जाए। भाजपा प्रव्‍क्‍ता नलीन कोहली ने बताया कि मामले पर आज दिन में सुनवाई होगी।केंद्र सरकार के अलावा उत्‍तरखंड के 9 बागी कांग्रेस विधायकों ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपनी सदस्‍यता और मतदान के अधिकार से दूर रखने के खिलाफ अपील दायर की है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी सरकार बनाने को भी तैयार है। हाईकोर्ट ने हरीश रावत सरकार को 29 अप्रैल को बहुमत साबित करने को कहा है। इससे पहले गुरुवार को नैनीताल हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए केंद्र सरकार को झटका दिया और उसके फैसले को रद्द करते हुए राष्‍ट्रपति शासन खत्‍म कर दिया।

हाईकोर्ट ने यह बड़ा फैसला उत्तराखंड में अनुच्छेद 356 का प्रयोग कर राष्ट्रपति शासन लगाने और केंद्र सरकार द्वारा लेखानुदान अध्यादेश लाए जाने को चुनौती देती निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।

 

हाईकोर्ट के फैसले से खफा BJP पहुंची सुप्रीम कोर्ट

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