nawaz_17_10_2016

इस्‍लामाबाद। गोवा में हुई ब्रिक्‍स देशों की समिट में पाक को लेकर पीएम मोदी के बयान के बाद अब पाक मीडिया ने अपने देश के हुक्‍मरानों पर निशाना साधा है। पाकिस्‍तानी अखबार द नेशन ने सोमवार को ने लिखा है कि पाकिस्‍तान पर वै‍श्विक अलगाव का खतरा लटक रहा है और इसके लिए आतंक के खिलाफ एक्‍शन ना लिए जाने को धन्‍यवाद।

पिछले दो हफ्तों में नेशन का यह सरकार पर हमला करता हुआ दूसरा एडिटोरियल है। यह काफी महत्‍वपूर्ण हो जाता है क्‍योंकि द नेशन को पाक सरकार और सेना का करीबी माना जाता है। मोदी द्वारा लगातार पाक को आतंकी देश बताए जाने और और निंदा किए जाने के अलावा इसके खुद के मीडिया द्वारा सरकार और सेना को निशाना बनाया जाना इस बात का संकेत है कि उरी हमले के बाद दुनियाभर की निंदा से वहां की सिविल सोसायटी काफी प्रभावित हुई है।

संपाद‍कीय में चीन द्वारा आतंक पर चिंता जाहिर करने की बात का हवाला देते हुए लिखा गया है कि सरकार को बिना किसी भेदभाव के नॉन-स्‍टेट आतंक और उसके एक्‍टर्स पर हमला करते हुए अपनी कही गई बातों को कर के दिखाना चाहिए।

इसमें लिखा है, ‘मोदी का बयान साबित करता है कि नई दिल्‍ली, पाकिस्‍तान को दुनिया में अलग-थलग करने के लिए कितनी प्रतिबद्ध है। सार्क समिट रद्द करवाने के अलावा पाकिस्‍तानी कलाकारों का बायकॉट करने तक मोदी सरकार पाकिस्‍तान को हर अंतरराष्‍ट्रीय फोरम में कमजोर करने में जुटी हुई है। अगर कभी पाक अलग-थलग पड़ा तो इसके दुष्‍प्रभाव भयानक होंगे और पाकिस्‍तान ऐसा कभी नहीं चाहेगा।’

अखबार ने सीधे तौर पर पाकिस्‍तानी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को निशाना बनाते हुए लिखा है कि उन्‍हें कम से कम इतनी शराफत तो रखनी च‍ाहिए कि वो यह मान लें कि पाकिस्‍तान अब भी सौ प्रतिशत विश्‍वस्‍त नहीं है कि कौन सा नॉन-स्‍टेट एक्‍टर अच्‍छा या बुरा है। कुछ दिनों पहले ही सत्‍ताधारी दल के एक नेता ने उन नॉन स्‍टेट एक्‍टर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी जिन्‍हें नई दिल्‍ली लगातार पाकिस्‍तान द्वारा समर्थित बताती है।

लेख में आगे कहा गया है कि वर्तमान राजनीतिक हालात कहते हैं कि पाकिस्‍तान अपनी नीतियों को अपने साथियों के सामने साफ तौर पर रखे और उन पर अमल भी करे। पाकिस्‍तान को यह मानना होगा कि उसके राष्‍ट्रहित में यही होगा कि वो बिना किसी भेदभाव के पूरी तरह से नापाक तत्‍वों को बाहर करे। सि‍विल और सेना के टॉप लेवल पर बैठे लोगों में इतनी यह मानने की शराफत होनी चाहिए कि वो नहीं जानते कि पाकिस्‍तान अब भी 100 प्रतिशत विश्‍वस्‍त नहीं है कि कौन नॉन स्‍टेट एक्‍टर अच्‍छा है या बुरा।

पिछले दिनों डॉन की सेना द्वारा आतंकियों पर कार्रवाई ना करने पर सरकार से तनातनी पर छापी गई खबर का जिक्र करते हुए अखबार ने लिखा है कि नॉन स्‍टेट एक्‍टर्स पर अपने कदम पर सफाई देने की बजाय आर्टिकल लिखने वाले पत्रकार को ही एग्जिट कंट्रोल लिस्‍ट में डाल दिया। उन्‍हें प्रतिबंधित करने का निर्णय सरकार की कमजोरी दर्शाता है और यह भी बताता है कि पत्रकार की खबर देश और इसकी सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं थी जैसा दावा किया गया था।

बता दें कि पिछले हफ्ते ही द नेशन ने इसके एक कठोर आर्टिकल में सरकार पर हमला बोलते हुए सवाल किया था कि मसूद अजहर और हाफिज सईद पर क्‍यों कोई एक्‍शन नहीं लिया जा रहा।

 

 

 

हम दुनिया में अलग-थलग होने की कगार पर: पाक मीडिया

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