महाराष्ट्र की विशेष मकोका अदालत ने औरंगाबाद में हथियारों की बरामदगी के मामले में दोषी पाए गए अबू जुंदाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अबू जुंदाल के अलावा अदालत ने 6 और दोषियों को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि दो दोषियों को 14 साल की सजा और तीन दोषियों को 8 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने इन सभी लोगों को गुरुवार को दोषी ठहराया था। सरकारी वकील वैभव बघाडे ने जिंदाल व दो अन्य लोगों को आजीवन कारावास की सजा देने का अनुरोध किया है।

मुंबई की मकोका अदालत ने गुरुवार को 2006 के औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामले में अबू जुंदाल उर्फ जैबुद्दीन अंसारी सहित 12 आरोपियों को दोषी करार दिया था। जुंदाल पर 26/11 के आतंकी हमले मामले में भी मुकदमा चल रहा है।

मकोका अदालत के जज एस.एल.अनेकर ने गुरुवार को जैबुद्दीन अंसारी के साथ 11 अन्य आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया था तथा 10 लोगों को बरी कर दिया था।

जज ने अभियोजन पक्ष के इस तर्क को माना कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियार गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी एवं विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया को नुकसान पहुंचाने के लिए इकट्ठा किए गए थे। हथियार जमा करनेवाले गोधरा कांड के बाद हुए गुजरात दंगों के कारण इन नेताओं से नाराज थे। मकोका कोर्ट ने स्वीकार किया कि यह आतंकी हमले की बड़ी साजिश थी, जिसे इन आतंकियों ने जेहाद का नाम दिया।

 

हथियार बरामदगी केस में अबू जुंदाल समेत 7 दोषियों को उम्रकैद

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