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सूखे की मार और आर्थिक तंगी से परेशान एक किसान खाने की थाली में सूखी रोटी और नमक देखकर इतना व्यथित हुआ कि दो कौर खाने के बाद ट्रेन से कटकर जान दे दी। उसका शव कानपुर-बांदा रेलवे ट्रैक पर बम्हौरी गांव के पास मिला।

तहसील क्षेत्र के चितौली गांव निवासी देवनरायन उर्फ छंगू साहू (45) के परिवार में पत्नी कुसमा, बेटे अंशू (17), ललित (12) और बेटी क्षमा (8) के अलावा बूढ़ी मां मैकी देवी हैं।

छंगू के नाम मात्र एक बीघा कृषि भूमि है, जिसके चलते वह गांव के अन्य किसानों के खेत बटाईदारी पर लेकर खेती करता था। पिछले लगातार तीन सालों से खेती धोखा दे रही थी। मां मैकी देवी ने बताया कि बेटे ने इस वर्ष खेतों में धनिया और गेहूं की फसल बोई थी।

बताया कि धनिया की फसल माहू कीट लग जाने से बर्बाद हो गई जबकि गेहूं की फसल सूखे और समय से पहले तेज गर्मी के प्रकोप के चलते बर्बाद हो गई। जब फसल की कटाई-मड़ाई करने के बाद औसत निकाला गया तो खाने भर को भी अनाज नहीं था।

मजदूरी और थ्रेस‌िंग में ही सारा अनाज चला गया। सिर्फ भूसा ही हाथ लगा। इससे छंगू बहुत परेशान था। बुधवार रात छंगू खाना खाने बैठा तो घर में कुछ न होने से पत्नी ने सूखी रोटी और नमक खाने को दिया।

यह देखकर वह सुबक पड़ा और किसी तरह एक रोटी नमक से खाकर सोने चला गया। रात में किसी समय वह घर से निकल गया। सुबह उसकी लाश बम्हौरी गांव के निकट रेलवे ट्रैक पर पड़ी मिली। सजेती थानाध्यक्ष आलोक यादव ने बताया कि छंगू के घर की बदहाली की रिपोर्ट प्रशासनिक अफसरों को भेजी गई है।

 

सूखी रोटी और नमक देख किसान ने दे दी जान

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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