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सूखा प्रभावित इलाकों में मंत्रियों और नेताओं का दौरा लगातार विवादों का सबब बन रहा है। ताजा विवाद खड़ा किया है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्घरमैया के दौरे ने। सिद्घारमैया उत्तरी कर्नाटक के सूखाग्रस्त इलाकों के दौरे पर है, हालांकि विपक्ष उन दौरों को ‘फोटो खिंचाने का मौका’ भर बता रहा है। सोमवार को उनके दौरे की तैयारियों के ‌‌लिए अधिकारियों ने दो टैंक पानी सड़क पर छिड़कवा दिया।

सिद्घारमैया को बगलकोट जिले के बिलागी तालुक के बडागंडी गांव का दौरा करना था। उसी इलाके में सड़क चौड़ी करने का काम चल रहा था, जिससे वहां काफी धूल थी। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सड़क पर पानी का छिड़काव कराया ताकि धूल न उड़े। इलाके में पानी की बेहद कमी है। मुख्यमंत्री के दौरे के लिए दो टैंक पानी की बर्बादी से गांव वाले भड़क उठे।

उन्होंने सवाल उठाया कि इलाके में पानी की इतनी कमी है और सरकार पानी की बर्बादी कर रही है। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने कहा कि वे जिले के डीसी को जांच के आदेश देंगे।

उल्लेखनीय है कि सूखा प्रभ‌ावित क्षेत्रों के दौरे में बरती गई लापरवाही भाजपा नेताओं पर भी भारी पड़ी। सोमवार को महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे की लातूर में सूखे की सेल्फी मामले के तूल पकड़ने के मद्देनजर पार्टी नेतृत्व ने सूखा प्रभावित राज्यों की इकाइयों को खास सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।

भाजपा नेतृत्व ने राज्य इकाइयों से पूरी तरह से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सूखा मामले में नेताओं की ओर से न केवल संवेदनशीलता बरती जाए, बल्कि बयान भी सोच समझ कर दिया जाए।

गौरतलब है कि इससे पहले महाराष्ट्र सरकार के ही मंत्री एकनाथ खडसे के लिए लातूर में ही शुक्रवार को अस्थायी हैलीपेड पर दस हजार लीटर पानी बहाया गया था। इसके बाद कर्नाटक के पार्टी अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा शनिवार को सूखाग्रस्त क्षेत्रों के दौरे के लिए एक करोड़ की कीमत वाली कार के इस्तेमाल से विवादों में घिरे थे।

सूखाः CM के दौरे से पहले सड़क पर छिड़का दो टैंक पानी, ग्रामीणों में गुस्सा

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