सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह और उसके प्रमुख सुब्रत रॉय के मामले में सुनवायी करते हुए पुणे स्थित समूह की एम्बी वैली टाउनशिप को कुर्क करने का आदेश दिया। समूह पर निवेशकों के 14,799 करोड़ रुपये बकाया हैं। एम्बी वैली की कीमत करीब 39 हजार करोड़ रुपये बतायी जाती रही है। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस एके सीकरी की पीठ ने ये फैसला दिया। अदालत ने अगली सुनवायी तक सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की पैरोल को जारी रखने का भी आदेश दिया।

सहारा के लिए अदालत में सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल पेश हुए। इससे पहले सिब्बल के ये कहने पर कि एम्बी वैली एक चालू कारोबार है और उससे समूह को आमदनी होती है, अदालत ने उसे कुर्क करने का आदेश नहीं दिया था। सोमवार को भी सिब्बल ने जुलाई 2019 तक का समय मांगा तो इस पर अदालत ने उन्हें झिड़की पिलाते हुए कहा, या तो आप जनता के पैसे देने की रफ्तार तेज करें या हम आपकी संपत्तियों को जब्त करके उन्हें नीलाम करने का आदेश देंगे। आपने हमारे पास ऐसा आदेश देने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। सहारा समूह को अदालत ने अगस्त 2012 में 25 हजार करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश दिया था लेकिन समूह ने अब तक 14 हजार करोड़ रुपये नहीं जमा किए हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट ने मांगी सहारा की नीलाम करने लायक संपत्ति की पूरी लिस्ट

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