adarsh-housing-society 29 08 2016

सुप्रीम कोर्ट ने 28 मंजिला आदर्श हाउसिंग सोसाइटी को रखरखाव (मेनटेनेंस) का खर्च उठाने को कहा है। हजारों करोड़ के घोटाले की यह इमारत सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिलहाल केंद्र सरकार के कब्जे में है।

जस्टिस जे.चेलमेस्वर और एएम सप्रे की खंडपीठ से सोमवार को हाउसिंग सोसाइटी के वकील ने कहा कि केंद्र से इमारत का रखरखाव करना सुनिश्चित कराया जाए। चूंकि बिल्डिंग में बिजली कनेक्शन नहीं है और इसीलिए लिफ्ट भी नहीं चल पा रही हैं।

अगर कोई हादसा हुआ तो सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा होगा। उन्होंने कहा कि लिफ्ट ही नहीं, बिल्डिंग में फिलहाल पॉवर जेनरेटर, आग बुझाने के उपकरण और परिसर में लगाया गया पंप हाउस कुछ भी काम नहीं कर रहा है।

इस पर खंडपीठ ने कहा कि पहले आपको रखरखाव में होने वाला खर्च वहन करना होगा। इसके बाद ही इस बारे में केंद्र से कुछ कहा जाएगा। अगर आप भुगतान करना चाहते हैं, तभी केंद्र को इस बारे में आवश्यकतानुसार कहा जाएगा।

खंडपीठ ने कहा कि अगर सोसाइटी केस जीत जाती है तो वह केंद्र को रखरखाव का खर्च उठाने को कैसे कह सकेगी। अदालत ने वकील से पूछा है कि वह दो सितंबर तक बताए कि वह रखरखाव का खर्च वहन करने को राजी हैं या नहीं।

उधर, केंद्र सरकार ने सर्वोच्च अदालत को बताया कि उसे अभी तक पूरी बिल्डिंग का कब्जा नहीं मिला है। 104 फ्लैटों में से 93 पर ताले लगे हैं और उनके पास चाभी भी नहीं है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आदर्श सोसाइटी उठाए मेनटेनेंस का खर्च

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