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केंद्र सरकार द्वारा नीट को एक साल आगे बढ़ाने के लिए बनाए गए ऑर्डिनेंस को राष्‍ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इन्‍कार कर दिया है। शुक्रवार को राष्‍ट्रपति द्वारा पास ऑर्डिनेंस के खिलाफ आनंद राय द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई से इन्‍कार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

इस ऑर्डिनेंस में राज्‍य सरकारों को अपने स्‍तर पर मेडिकल एंट्रेस परिक्षाएं आयोजित करने की अनुमति दी गई है। अदालत के इस कदम के बाद अब राज्‍य सरकारों के लिए रास्‍ता साफ हो गया है कि वो नीट का उपयोग ना करते हुए अपने स्‍तर पर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए परिक्षाएं आयोजित करें।

याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस स्‍तर पर ऑर्डिनेंस पर रोक लगाने से और ज्‍यादा भ्रम पैदा होगा। कोर्ट ने कहा, ‘प्रवेश परीक्षा पर और भ्रम ना पैदा करते हुए हम छात्रों को इसमें शामिल होने दें। हम याचिका पर छुट्टियों के बाद सुनवाई करेंगे।’

मालूम हो कि राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को केंद्र की कैबिनेट द्वारा पास उस ऑर्डर को मंजूरी दी थी जिसमें राज्‍यों के बोर्ड को अगले एक साल तक नीट लागू करने से राहत दी गई है।

बता दें कि यह ऑर्डिनेंस सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को कुछ हद तक नकारता है जिसमें उसने नीट को मंजूरी दी थी। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने अपने आदेश में देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश केवल नीट के माध्‍यम से ही करने का निर्देश दिया था।

इस फैसले के साथ ही अदालत ने कुछ राज्‍यों की उस अपील को भी खारिज किया था जिसमें वो राज्‍य स्‍तर पर प्रवेश परीक्षा आयोजित करना चाहते थे। ऑर्डिनेंस के खिलाफ व्‍यापम मामले का खुलासा करने वाले आनंद राय ने यह कहते हुए याचिका लगाई थी कि इसके चलते सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी हो रही है जिसमें नीट को वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से लागू करने को कहा गया है। यह ऑर्डिनेंस सुप्रीम कोर्ट के आदेश विरोध में केंद्र का कदम नजर आता है।

 

सुप्रीम कोर्ट का नीट ऑर्डिनेंस पर रोक से इन्‍कार

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