मुलायम और अखिलेश यादव के खेमे में साइकिल चुनाव चिन्ह के लिए चल रहा  घमासान पर आज फैसला हो सकता है बीते दिनों में दोनों खेमो ने सपा के चुनाव चिह्न साइकिल पर दावा करने के लिए चुनाव आयोग के पास दलीलें पेश की थी। जिसके बाद आयोग ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। संभावना इस बात की जताई जा रही है कि आयोग सपा के ‘साइकिल’ चुनाव चिह्न पर रोक लगा सकता है। आयोग आज आदेश पारित कर सकता है।

अखिलेश यादव की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन और कपिल सिब्बल ने आयोग के समक्ष दलील दी कि सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और पार्टी प्रतिनिधियों का बहुमत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ है। वहीं, करीब साढ़े चार घंटे चली दलील में प्रतिद्वंद्वी चचेरे भाई मुलायम सिंह यादव और रामगोपाल मौजूद थे। मुलायम के साथ उनके भाई शिवपाल भी थे जबकि रामगोपाल राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल के साथ थे। मुलायम खेमे का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सॉलीसीटर जनरल मोहन परासरन कर रहे थे।

समाजवादी पार्टी के दोनों धड़ों के बीच अपने चुनाव निशान की लड़ाई चुनाव आयोग की अदालत में अहम पड़ाव पर पहुंचने के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अगुवाई वाला धड़ा इस बात के लिये आश्वस्त है कि ‘साइकिल’ उसे ही मिलेगी और आगामी विधानसभा चुनाव के बाद स्पष्ट बहुमत भी।

साइकिल चुनाव चिन्हथ पर चुनाव आयोग आज कर सकता है फैसला

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