मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अाज राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्ड वितरण की शुरुआत की। पहले चरण में लखनऊ के 100 पात्र परिवारों को कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर राशन कार्ड दिया गया। लेकिन कार्यक्रम में सीएम अखिलेश ने कहा कि आज वह कुछ नहीं बोलेंगे। इस दौरान पत्रकारों के सवालों की बौछारो से बचने के लिए अखिलेश ने कहा आप लोगों को क्या चाहिए गेहूं या चावल ! इसके बाद वह मात्र 13 मिनट में ही कार्यक्रम समाप्त कर चले गये। राजनीति से सम्बन्धित किसी सवाल का अखिलेश ने कोई जवाब नहीं दिया।

प्रदेश के 28 जिलों में जनवरी से और 47 जिलों में मार्च से खाद्य सुरक्षा योजना तो लागू हो गई, लेकिन योजना में शामिल परिवारों के पास अब तक राशन कार्ड नहीं थे। राशन कार्ड के बिना कामचलाऊ व्यवस्था के तहत जैसे-तैसे वितरण किया जा रहा था। इसी वजह से कई परिवारों को पता भी नहीं था कि वे योजना में शामिल हैं। हालांकि शुरुआती चरण में करीब 40 फीसद पात्र परिवारों के राशन कार्ड तैयार करने का दावा किया गया, लेकिन इसमें कमजोर कागज का कवर पेज होने के कारण वितरित नहीं किया गया।
इसके उपाय के तौर पर 12 करोड़ रुपये के खर्च से कार्डों पर प्लास्टिक कवर चढ़ाने की योजना बनाई गई। उधर राशन कार्ड छपाई का काम करा रहे कल्याण निगम ने भी 20 अक्टूबर तक सभी राशन तैयार करने का दावा किया था। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी बताते हैं कि अभी पूरे कार्ड तो नहीं छप पाए हैं, लेकिन कल्याण निगम ने कुछ कार्डों की दूसरी खेप सौंपी है। फिलहाल इन्हीं में से 100 कार्डों पर प्लास्टिक कवर चढ़ा कर पात्र परिवारों को देने की तैयारी है।

सवालों से परेशान मुख्यमंत्री ने 13 मिनट में ही कार्यक्रम छोड़ा

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