राजनीतिक दलों की फंडिंग को पारदर्शी बनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी संसद के बजट सत्र से पहले इस मुद्दे पर सभी दलों के साथ चर्चा करेंगे। भाजपा के एक शीर्ष नेता ने बताया कि पीएम राजनीतिक फंडिंग को पारदर्शी बनाने के लिए तेजी से कदम बढ़ाने के मूड में हैं।

वैसे चुनाव आयोग पहले ही चुनाव सुधार की वकालत करते हुए राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे को पारदर्शी बनाने की वकालत कर चुका है। आयोग की इस पहल की पीएम मोदी भी सराहना कर चुके हैं।

अब भाजपा इस मामले में आगे आकर राजनीतिक लीड लेना चाहती है। यही वजह है कि पीएम मोदी ने राजनीतिक चंदे को पारदर्शी बनाने के मामले पर सर्वदलीय बैठक से पहले ब्लू प्रिंट बनाना शुरू कर दिया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी की अगुवाई में आयोग ने चुनाव सुधार के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट विधि आयोग को भेज रखी है। इसमें राजनीतिक दलों को गुमनाम लोगों से 20 हजार रुपये तक मिलने वाले चंदे की सीमा को घटाकर 2000 अथवा 1000 रुपये करने का सुझाव दिया है।

राजनीतिक दलों के सामने बड़ी मुश्किल यह है कि उनके जरिए सार्वजनिक किए जाने वाले चंदे की 80 से 85 प्रतिशत राशि बेनामी लोगों के नाम पर होती है। 20 हजार रुपये की बेनामी सीमा का लाभ उठाते हुए अधिकतर दल अपने चंदे को 20 हजार रुपये कैश में मिला दिखाते हैं। अब भाजपा ने इस दिशा में कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। वैसे वाजपेयी के कार्यकाल में भी इस पर पहल हुई थी। तब सफलता नहीं मिली थी।

सर्वदलीय बैठक में चुनाव फंडिंग का मुद्दा उठाएंगे मोदी

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