कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी जैसी समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ चुनाव पूर्व गठजोड़ करने पर कोई एतराज नहीं है। पार्टी की ओर से घोषित मुख्यमंत्री उम्मीदवार शीला दीक्षित ने युवा नेता अखिलेश यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है।

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की घोषणा के तत्काल बाद कांग्रेस ने ‘फासीवादी’ ताकतों को सत्ता से दूर रखने के लिए सपा के साथ गठजोड़ का विकल्प खुला रखा है।

कांग्रेस प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने पत्रकारों को बताया कि कांग्रेस राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है क्योंकि अभी तक किसी दल से गठजोड़ या आपसी तालमेल नहीं बन पाया है लेकिन समान विचारधारा पार्टी के साथ गठजोड़ करने को तैयार है।

उन्होंने कहा, ‘यदि समान विचारधारा वाली पार्टियां फासीवादी और सांप्रदायिक ताकतों को हराने का संकल्प लेती हैं तो कांग्रेस हाईकमान इस पर फैसला कर सकता है।’ उन्होंने चुनाव आयोग की चुनाव तारीखों की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस इन राज्यों में चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। चार राज्यों में मतदाताओं की कृपा से हम सरकार बनाने के प्रति आश्वस्त हैं।

गठबंधन की स्थिति में अपनी भूमिका के बारे में पूछे जाने पर शीला दीक्षित ने कहा, ‘सपा के साथ गठबंधन की खबरें अभी अपुष्ट हैं। यदि ऐसा होता है तो निश्चित तौर पर मैं उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री को चुनना पसंद करूंगी।’

दीक्षित ने बताया कि उन्होंने भी सुना है कि अखिलेश कह चुके हैं कि यदि कांग्रेस और उनकी पार्टी का गठजोड़ होता है तो अच्छा परिणाम सामने आएगा। उन्होंने कहा, ‘यदि यह खबर सही है कि अखिलेश चुनाव मुहिम का नेतृत्व करने जा रहे हैं तो निश्चित तौर पर मैं पीछे हट जाऊंगी। मैं खुद से ज्यादा उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बैठते देखना चाहूंगी।’

सपा से गठजोड़ हुआ तो अखिलेश हैं शीला की पसंद

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