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नई दिल्ली। बसपा सुप्रीमो मायावती ने बुलंदशहर जिले के नेशनल हाइवे पर एक परिवार के मां-बेटी के साथ हैवानियत के बाद बरेली, शामली व कानपुर जिले में भी लगभग उसी प्रकार की दरिंदगी के मामले में गहरी चिंता व्यक्त की। मायावती ने कहा कि वास्तव में इस सपा सरकार में सरकारी व्यवस्था इतनी ज्यादा लचर व बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गयी है कि अपराधियों को कानून का खौफ थोड़ा भी नहीं रहा है। वे जानते हैं कि सपा सरकार दिखावे के लिए सख्ती कर रही है और अन्तत: उनका कुछ ज्यादा नहीं बिगड़ने वाला है।

 

संसद के भीतर राज्यसभा व बाहर परिसर में पत्रकारों से बातचीत में मायावती ने देशभर में महिला उत्पीड़न व अत्याचार का मामला उठाया। परंतु संसद परिसर में पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में मायावती ने कहा कि महिलाओं के साथ वैसे तो देशभर में शोषण, अत्याचार व बलात्कार आदि की घटनाएं काफी हो रही हैं परंतु उत्तर प्रदेश में इसकी अति हो रही है। बुलंदशहर की घटना के बाद बरेली, शामली व कानपुर आदि में दिन के समय महिलाओं को सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाया गया है।

 

इस सबसे उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार की देश भर में वैसी ही भारी किरकिरी व फजीहत हो रही जैसा ऊना कांड के बाद भाजपा की हुई है और अभी तक भी जारी है। उसी सबसे लोगों का ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक साजिश के तहत बीएसपी के तीन वरिष्ठ लोगों रामअचल राजभर, नौशाद अली व अतर सिंह राव पर अब इतने दिनों के बाद पास्को कानून की धारा लगाई गई हैं तथा अन्य और भी लोगों के खिलाफ पास्को कानून लगाने की साजिश जारी है।

 

मायावती ने कहा कि इन सभी लोगों ने धरना-प्रदर्शन के दौरान कुछ भी गलत नहीं कहा है और केवल राजनीतिक षड़यंत्र के तहत इन सभी लोगों पर नया-नया मुकदमा कायम किया जा रहा है और अब उसमें नई-नई धाराएं जोड़ी जा रही हैं, जिसकी हमारी पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है।

 

मायावती ने कहा कि बुलंदशहर की अत्यंत ही दुखद घटना के सभी आरोपियों के अब तक भी गिरफ्तार नहीं होना यह साबित करता है कि उनको जरुर उच्च स्तर पर कोई संरक्षण प्रदान कर रहा है। पीड़ित परिवार के लोगों के दुख और पीड़ा को समझा जा सकता है और उनकी भावना का सम्मान करते हुए प्रदेश की सपा सरकार को फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर तीन महीने के अंदर अंदर दोषियों को सजा सुनिश्चित करनी चाहिए।
बुलंदशहर मामले में ही खासकर भाजपा व सपा द्वारा आरोप-प्रत्यारोप की तीव्र निंदा करते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि पीड़ित परिवार जल्द से ज्लद न्याय चाहता है और इस मामले में दलगत राजनीति बंद करके सभी राजनीतिक पार्टियों को मामले के शीघ्र निपटारे में मदद करनी चाहिए और इसके लिए सीबीआई जांच से बेहतर यही होगा कि पहचाने गए आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में इसकी सुनवाई करके दोषी को जल्द सजा दी जाए।
मायावती ने कहा कि वर्तमान सपा सरकार में अपराधियों की धर-पकड़ करके उन्हें कानून के कठघरे में खड़ा करने की प्रवृत्ति के अभाव के कारण भी अपराधियों की हिम्मत प्रदेश में काफी ज्यादा बढ़ गई है। लोगों ने देखा है कि किस प्रकार महिला विरोधी व अभद्रतापूर्ण बयान देने वाले भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के खिलाफ यह सपा सरकार पहले घटना के प्रति उदासीन व मूकदर्शक बनी रही और उसकी गिरफ्तारी तब तक नहीं की गयी जब तक कि माननीय न्यायालय ने उसकी गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिका खारिज नहीं कर दी और तब लगभग नौ दस दिनों तक वह यहां वहां घूमता रहा था।
उन्होने कहा कि खासकर अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था के मामले में जातिवाद को त्याग करके सही भावना से सपा सरकार को काम करने की जरुरत है। साथ ही शासन-प्रशासन को भ्रष्टाचार को छोड़ जनहित व जनकल्याण के प्रति सघनता के साथ प्रेरित करना होगा, वरना उत्तर प्रदेश की आमजनता के साथ साथ घर की मां बेटियों की अस्मत पर अपराधीगण  हमला करते रहेंगे। इससे उत्तर प्रदेश की आमजनता को बचाने की शख्त जरुरत है। उन्होने बरेली, शामली व कानपुर आदि की घटना की भी तीव्र निंदा करते हुए आरोपियों को यथाशीघ्र गिरफ्तार करके उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की।

 

सपा सरकार में बेखौफ हो गए हैं अपराधी- मायावती

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