isi-espionage-racket_29_10_2016

नई दिल्ली। जासूसी कांड में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने में सिर्फ पाकिस्तानी लोगों का ही हाथ नहीं है इनमें कई भारतीय भी शामिल हैं। जासूसी के तार नेताओं तक भी जा पहुंचे हैं।

पाक उच्चायोग के अधिकारी महमूद अख्तर के कबूलनामे से समाजवादी पार्टी मुश्किल में घिरती नजर आ रही है। महमूद अख्तर से पूछताछ के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद चौधरी मुनव्वर सलीम के करीबी फहत को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुनव्वर सलीम के करीबी फहत पर विदेश मंत्रालय, रक्षा और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जुड़े दस्तावेज महमूद अख्तर को देने का आरोप है। इसके लिए फहत को 2 लाख रुपए भी दिए गए थे। फहत के अलावा तीन और जासूस पुलिस की गिरफ्त में हैं।

पूछताछ में पाक उच्चायोग के अधिकारी महमूद अख्तर ने बताया कि फहत बीते ढाई साल से उसे ये दस्तावेज सौंप रहा था। सूत्रों के मुताबिक फहत को 2 लाख रुपए इंस्टॉलमेंट्स में दिए गए थे। महमूद अख्तर से फहत का परिचय उसके पूर्व सांसद के पीए रहे फयाज ने कराया था।

सपा की सफाई

पूरा मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि सांसद का करीबी अगर दोषी है तो उसपर केस दर्ज कर कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।

 

सपा नेता का करीबी ISI जासूसी कांड में गिरफ्तार

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