सियासत में पिता और चाचा पर भारी पड़े मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुट के असली सपा साबित होने पर पूरे सूबे में समर्थक और सपाई जश्न में डूब गए। पार्टी के चुनाव चिह्न साइकिल पर अखिलेश के सवार होते ही लोग ढोल, नगाड़े लेकर सड़कों पर उतर आए, जमकर आतिशबाजी हुई और मिठाई बांटी गईं। उधर मुलायम और शिवपाल खेमे में हर जगह मायूसी रही।

समाजवादी पार्टी में एक पखवाड़े से चली आ रही उहापोह अखिलेश यादव को ‘साइकिल’ सिम्बल मिलने के साथ ही खत्म हो गई। अखिलेश अब पूरे आत्मविश्वास से आगे बढ़ेंगे। उनकी चुनावी रणनीति पर अब युद्ध स्तर पर अमल होगा। चुनावी लिहाज से वे जल्द ही कई बड़े फैसले लेंगे।

पिछले 15 दिनों से सिम्बल के इंतजार में सपा की चुनावी तैयारियां पिछड़ती दिखाई पड़ रही थीं। हालांकि रणनीति के लिहाज से दिन-रात काम चल रहा था, लेकिन अंदेशा था कि कहीं सिम्बल जब्त हुआ तो क्या होगा आयोग के फैसले के साथ ही अब ‘साइकिल’ पर बना सस्पेंस खत्म हो गया। इससे अखिलेश ही नहीं, उनकी पूरी टीम का मनोबल बढ़ा है। वे जोश से लबरेज हैं।

पार्टी अध्यक्ष के रूप में अखिलेश अब विजयी भाव और बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे। पार्टी में उनकी स्वीकार्यता पर चुनाव आयोग की मुहर से उनका राजनीतिक कद और पकड़ भी मजबूत हुई है।

सपा के ‘सुप्रीमो’ बने अखिलेश,मुलायम-शिवपाल खेमे में मायूसी

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