सपा के गढ़ मैनपुरी में जिले की आबादी से भी करीब 53 हजार अधिक मतदाता है। ईपी रेश्यो का मानक (जनसंख्या-मतदाता अनुपात) 61.34 प्रतिशत है, लेकिन मैनपुरी में यह 63.95 प्रतिशत पहुंच गया है। सर्वाधिक वृद्धि भी नए मतदाताओं की नहीं बल्कि 40 से 59 आयु वर्ग वालों की हुई है। ऐसे में वोटर लिस्ट सामने आने के बाद उस पर सवाल उठ रहे हैं।

वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार जिले में वर्तमान में मतदान करने वाले यानि 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की संख्या 12,52,224 है। वहीं मतदाता सूची के अनुसार जिले में मौजूद मतदाताओं की संख्या 13, 05327 है।

यानि जनसंख्या से करीब 53103 ज्यादा मतदाताओं की वृद्धि हुई है। एक साल से मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम चल रहा है। मतदाता सूची को गलतियों को सही करने के लिए बीएलओ को लगाया गया था।

बीएलओ की लापरवाही के कारण ही निर्धारित जनसंख्या से अधिक वोटर हो गए। निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों पर गौर करें तो 40-49 उम्र के लोगों की संख्या जनसंख्या के आंकड़ों की तुलना में सर्वाधिक है। इस उम्र के लगभग सात हजार मतदाता अधिक हैं।

इसके बाद नंबर आता है 50-59 उम्र के लोगों का। इस उम्र के छह तो 30-39 उम्र के मतदाताओें की संख्या चार हजार है।

मृतक भी वोटर लिस्ट में शामिल
मैनपुरी। वोटर लिस्ट बनाने में भारी गड़बड़ियां की गई। जिन लोगों की मौत हो चुकी है या जो लोग गांव और शहर छोड़ गए है, उनके नाम भी मतदाता सूची में शामिल है। प्रशासन इनके नाम नहीं काटे जाने को एक वजह मान रहा है।

हमारी मतदाता सूची सही है। जो आंकड़े दिखाए गए हैं वह अनुमानित जनसंख्या के हैं। वहीं मतदाताओं की संख्या सही है।
सीपी सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी

सपा के गढ़ में जनसंख्या से ज्यादा हुए वोटर

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