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बासौनी के उमरैठा के चंबल के बीहड़ में बुधवार मध्य रात्रि में वन विभाग की टीम और खनन माफिया के बीच मुठभेड़ हो गई। खनन माफिया ने डीएफओ अनिल पटेल की गाड़ी को बालू से भरी ट्रैक्टर ट्राली से टक्कर मार दी।

गाड़ी पलटने से बाल बाल बची। मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से फायरिंग हुई। इसके बाद सपा का झंडा लगी बोलेरो और ट्रैक्टर ट्राली समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर बासौनी पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बाद भी चंबल नदी से बालू का खनन हो रहा है। अवैध खनन को रोकने के लिए आगरा के डीएफओ अनिल पटेल ने बाह, इटावा, कीठम और लायन सफारी के स्टाफ की चार टीमें बनाकर बुधवार रात खनन वाले चिह्नित इलाकों में छापेमारी की। रात लगभग सवा बारह बजे बासौनी के उमरैठा के चंबल के बीहड़ में डीएफओ अनिल पटेल की टीम को बालू से भरे ट्रैक्टर ट्राली मिली। टीम को देख खनन माफिया खेतों की ओर भागे।

टीम ने घेराबंदी की तो खनन माफिया ने डीएफओ की बोलेरो पर ट्रैक्टर ट्राली से टक्कर मार दी। इस दौरान बोलेरो पलटने से बाल-बाल बची। डीएफओ भी बाल-बाल बच गये। टक्कर के बाद बोलेरो का अगला हिस्सा ट्रैक्टर में फंस गया। इसी दौरान ट्रैक्टर पर सवार दो लोग क्योरी ऊपरी पुरा के रामलाल पुत्र रामस्वरूप, बासौनी का सूखा गालीगलौज और हाथापाई कर भागे।

इनमें से रामलाल को टीम ने पकड़ लिया। इसी दौरान सपा का झंडा लगी बोलेरो में सवार उमरेठा के लला पुत्र राजवीर, खेरा ऊमरी भिण्ड के अंकित कुशवाह पुत्र रामचन्द्र, उमरेठा के राकेश भदौरिया पुत्र राजवीर असलहों से लेस होकर पहुंच गए।

वन विभाग की दूसरी टीमें भी पहुंच गई। बोलेरो सवारों ने रामलाल और ट्रैक्टर ट्राली को छुड़ाने के लिए वन विभाग की टीम पर फायरिंग कर दी। वन विभाग की टीम ने भी जवाबी फायरिंग की और खनन माफिया को बीहड़ में घेर लिया।

मुठभेड़ के दौरान लला और अंकित कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया। बोलेरो को भी कब्जे में ले लिया। राकेश भदौरिया भागने में सफल रहा। वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार किए रामलाल, लला, अंकित कुशबाह को बोलेरो व ट्रैक्टर ट्राली समेत बासौनी पुलिस के हवाले कर दिया। वन दरोगा सतेन्द्र सिंह ने बासौनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

वन विभाग की टीम ब़ुधवार रात पहली बार खनन माफिया को उनकी ही भाषा में जवाब दे पाई है। इतनी बड़ी कार्रवाई भी पहली बार हुई है। बीहड़ में वन विभाग के बुने जाल में खनन माफिया फंस गये।
वन विभाग की अवैध खनन राकने के लिए फुलप्रूफ घेराबंदी थी। चार टीमें बनाई गई थीं।

एक टीम का नेतृत्व इटावा के रेंजर सुरेश चंद्र राजपूत बासौनी की ओर से, दूसरी टीम का नेतृत्व बाह के रेंजर आरके शर्मा पिनाहट की ओर से,  तीसरी टीम का नेतृत्व कीठम के अवध बिहारी राजाखेड़ा की ओर से और चौथी टीम का नेतृत्व खुद डीएफओ अनिल पटेल उमरैठा के मुख्य प्वाइंट पर कर रहे थे।

अनिल पटेल से म़ुठभेड़ के समय उनके साथ चालक जयवीर, विष्णुपाल सिंह और रवीराम आदि थे। अन्य टीमों में नंदराम, सूर्यभान मिश्रा, ममताज कुमार, लक्ष्मी नरायण आदि शामिल थे। बता दें कि वन विभाग की टीम पर अब तक खनन माफिया हाबी होते रहे हैं।

खेड़ा राठौर, जैतपुर, बासौनी, पिनाहट, मन्सुखपुरा क्षेत्र में कई बार खनन माफिया ट्रैक्टर ट्राली और ऊंट वन विभाग की टीम पर हमला कर छीन कर ले जाते रहे हैं। पहली बार बासौनी में बुधवार की रात खनन माफिया की गोली का जवाब वन विभाग की टीम गोली से दे सकी है। रेंजर बाह आरके शर्मा ने बताया कि डीएफओ  के नेतृत्व में अवैध खनन रोकने के लिए आगे भी इसी तरह की कार्रवाई होती रहेगी

बुधवार रात खनन माफिया से हुई मुठभेड़ में बोलेरो और ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी है। तीन लोग गिरफ्तार कर बासौनी पुलिस के हवाले किए हैं। रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। ट्रैक्टर ट्राली से टक्कर मारकर मेरी बोलेरो को पलटने की कोशिश भी की गई। अनिल पटेल, डीएफओ आगरा

सपा की झंडा लगी गाड़ी से खनन माफियाओं ने वन विभाग की टीम पर की फायरिंग

| आगरा, उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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