उज्जैन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को वाल्मीकि धाम पहुंचकर संत उमेशनाथजी से आशीर्वाद लिया। संत बोले- आरक्षण समाप्त नहीं होना चाहिए, बल्कि संरक्षण मिलना चाहिए। दूध मलाई वाले को नहीं बल्कि सफाई करने वाले को मिलना चाहिए। बता दें कि उमेशनाथजी वाल्मीकि समाज के बड़े संत और वाल्मीकि धाम के मुखिया हैं। महात्मा गांधी की ग्राम राज्य की दिशा बिलकुल ठीक थी।
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को यहां ग्राम संगम में महात्मा गांधी के ग्राम राज्य की प्रशंसा की और देश में महानगरों के विकास पर तंज कसा। उन्होंने कहा- बेंगलुरू, भोपाल, इंदौर, कोलकता, मुंबई जैसे महानगर समृद्ध हो जाएं, वहां अच्छे लोग बसें, इससे न कोई फायदा होगा और न ही देश बड़ा बनेगा। देश की 65 प्रतिशत आबादी गांव में बसती है। शहरों के बजाए गांवों को उन्नत करने की जरूरत है।
भागवत ने संगम के समापन सत्र में कहा कि महात्मा गांधी के ग्राम राज्य की कल्पना में भले ही कोई कमियां निकाले, लेकिन उनकी मूल दिशा बिलकुल ठीक थी। हमारी संस्कृति शहरों में तैयार नहीं हुई, बल्कि गांव-जंगलों से निकली है।
भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रकृति और संस्कृति के हिसाब से गांवों का विकास करना होगा। इसके लिए जैविक खेती, पशुपालन को बढ़ावा मिले। रसायनिक खाद के उपयोग का पंजाब सबसे बड़ा उदाहरण है। पंजाब से जयपुर जाने वाली ट्रेन को कैंसर गाड़ी कहा जाता है, क्योंकि वह मरीजों से भरी रहती है।
वहां के किसानों ने उत्पादन बढ़ाने के लिए रसायनिक खाद का इस्तेमाल किया, लेकिन प्रकृति व संस्कृति का ध्यान नहीं रखा। मंच पर क्षेत्रीय संघ चालक अशोक सोहनी और प्रांत संघ चालक भी मौजूद थे।

संत ने कहा- आरक्षण खत्म नहीं होना चाहिए

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