swachta abhiyan 20161025 94833 25 10 2016

जिले भर में शौचालयों निर्माण के नाम पर रोज भ्रष्टाचार के नए मामले उजागर हो रहे हैं। सिंगोड़ी पंचायत में तो सरपंच ने ऐसे लोगों को शौचालय निर्माण में मजदूरी करना बता दिया, जो लखपति हैं और सरपंच के रिश्तेदार भी। इनके नाम से फर्जी मस्टररोल तैयार कर मजदूरी निकाल ली गई। जबकि जिन मजदूरों ने काम किया, वे मजदूरी के लिए भटक रहे हैं। यह खुलासा एक मजदूर द्वारा पंचायत कार्यालय से आरटीआई के तहत ली गई जानकारी में हुआ है।

सोमवार को कुछ ग्रामीण इस मामले की शिकायत करने जिला पंचायत आए थे, लेकिन सीईओ के नहीं मिलने की वजह से वे शिकायत नहीं कर पाए। पीड़ित मजदूर गुरु यादव ने बताया कि पिछले साल सरपंच ने तकरीबन 9 शौचालयों का निर्माण कराया था। इसमें एक दर्जन मजदूरों ने काम किया था। काम होने के बाद जब सरपंच से मजदूरी मांगी तो टालना शुरू कर दिया। तकरीबन छह माह से सरपंच द्वारा मजदूरों को मजदूरी के लिए परेशान किया जा रहा है।

श्री यादव ने बताया कि इसके बाद उन्होंने मजदूरी की जानकारी के लिए पंचायत कार्यालय में आरटीआई लगाई गई। जिसमें खुलासा हुआ कि सरपंच रेखा साहू ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर मजदूरी का आहरण कर लिया। जिसमें तकरीबन एक दर्जन से अधिक रिश्तेदार शामिल हैं। जो पेशे से मजदूर नहीं, बल्कि व्यापारी हैं। जिसमें एक रिश्तेदार का बुक डिपो सिंगोड़ी गांव में है। यदि पंचायत कार्यालय में सरंपच के मामलों की जांच की जाए तो और भी भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है।

इसी तरह गांव में नाली निर्माण के नाम पर दो लाख रूपए के भ्रष्टाचार का मामला भी प्रकाश में आया है। जहां सरपंच ने अपने रिस्तेदार के नाम पर फर्जी नाली निर्माण कर इस भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस निर्माण के लिए विधायक निधी से राशि निकाली गई है।

शौचालय निर्माण करने वाले मजदूर निकले लखपति

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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