सीबीआई ने एक साल की छानबीन के बाद व्यापमं घोटाले से जुड़ी संदिग्ध मौतों में अंतत: एक दर्जन मामलों में खात्मा रिपोर्ट दिल्ली मुख्यालय भेज दी है। राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेष सहित ज्यादातर मौतें ह्रदयाघात से होना पाई गई। दिल्ली के पत्रकार अक्षय सिंह सहित 3 प्रकरणों में जांच-पड़ताल अभी जारी है, अक्षय की मौत का मामला देश भर के मीडिया की सुर्खियों में रहा था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई को 9 जुलाई 2015 को सौंपी गई थी। सीबीआई कुल 185 प्रकरणों की जांच कर रही है जिनमें 24 संदिग्ध मौत के मामलों में 15 पीई दर्ज की गई हैं एवं नम्रता डामोर मौत को हत्या का प्रकरण मानकर छानबीन चल रही है। इनमें से 12 पीई के प्रकरणों में सभी जांच दलों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। सभी प्रकरण सीबीआई मुख्यालय में फाइल बंद करने की अनुशंसा के साथ भेज दिए गए हैं। मेघनगर(झाबुआ) की 23 वर्षीय मेडिकल छात्रा नम्रता डामोर का शव जनवरी 2012 में उज्जैन जिले में रेलवे ट्रेक पर मिला था। नम्रता ने 2009 में पीएमटी की परीक्षा पास की थी, व्यापमं घोटाले के सरगना डॉ जगदीश सागर से उसके संपर्क बताए गए हैं।

 

व्यापमं घोटाले से जुड़ी 12 संदिग्ध मौतों पर CBI ने बंद की जांच

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