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बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने बृहस्पतिवार को सपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। कहा कि सपा सरकार के विकास के दावे खोखले हैं। जिन कामों को अपना बताकर सपा सरकार सीना ठोक रही है, उनकी भूमिका बसपा सरकार में बन गई थी।

लखनऊ मेट्रो, एक्सप्रेस-वे और गोमती रिवर फ्रंट बसपा सरकार की योजनाएं हैं। सपा तो भाजपा के साथ मिलकर अराजकता और सांप्रदायिकता का खेल खेल रही है।

मिश्र ने कहा, लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना बसपा सरकार ने 2008 में प्रारंभ की थी। फरवरी 2008 में डीएमआरसी और एलडीए के बीच अनुबंध हुआ था। इसका टेक्नीकल सर्वे जुलाई 2008 में हुआ। अक्टूबर 2008 में एलडीए ने इस प्रोजेक्ट की कार्ययोजना को स्वीकृति दी। जुलाई 2011 में इसकी डीपीआर केंद्र सरकार को भेज दी गई थी।

कहा कि सपा सरकार एक्सप्रेस-वे परियोजना को अपनी उपलब्धि बता रही है जबकि यह बसपा सरकार में ही प्रारंभ हो गई थी। इसका सरकारी गजट नोटिफिकेशन 20 अप्रैल 2008 को हो गया था।

14 जिलों को जोड़ते हुए विकास को ध्यान में रखकर बसपा सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दी थी। सपा सरकार ने इसका स्वरूप और नाम बदलकर कन्नौज और सैफई जाने के लिए अपने लिए बना लिया।

बसपा महासचिव ने कहा, गोमती रिवर फ्रंट योजना भी बसपा कार्यकाल में सितंबर 2008 में शुरू हो गई थी। इसका आरएफक्यू भेज दिया गया था। यह योजना गोमती को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए लागू की गई थी।

बसपा सरकार ने इसी परियोजना के तहत एशिया का सबसे बड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी भरवारा गोमती नगर में बनाया था। यह गोमती रिवर फ्रंट के सुंदरीकरण और निर्मलीकरण का ही हिस्सा है।

सतीश मिश्र ने कहा, 24 घंटे बिजली देने के लिए सीएम मायावती ने ललितपुर समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रारंभ की थी ताकि 10000 मेगावाट का अतिरिक्त विद्युत उत्पादन हो सके।

सपा सरकार की घोर लापरवाही से इन परियोजनाओं का कुछ हिस्सा ही शुरू हो सका है। कहा कि बसपा की कन्या धन व पेंशन योजना को सपा सरकार सिर्फ  नाम बदलकर चला रही है।

ठीक वैसे ही जैसे गोमतीनगर में बसपा सरकार में बनाए गए डॉ. भीमराव अंबेडकर उद्यान का नाम बदलकर जनेश्वर मिश्र पार्क कर दिया गया है।

 

लखनऊ मेट्रो व एक्सप्रेस वे बसपा सरकार की योजनाएं’

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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