नई दिल्ली। इस बार के रेल बजट का निचोड़ महज 4 पन्नों में संकुचित हो जाएगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली जब आम बजट के साथ रेल बजट की घोषणाओं को पढ़ रहे होंगे, तो कम ही उम्मीद की जा रही है कि वह कोई लोकलुभावन योजना की घोषणा करेंगे।

पिछले 92 सालों से पूर्व के रेलवे के मंत्रियों द्वारा यात्री किराए में बढ़ोतरी को दबाने के लिए लोकलुभावन भाषण, नई ट्रेनों, लाइनों या कारखानों के खोले जाने की घोषणाएं होती रही हैं। हालांकि, जेटली एक लाख करोड़ रुपए फंड के सृजन की घोषणा कर सकते हैं, जिससे बुनियादी ढांचे के निर्माण के अलावा यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन आदि शामिल होगा। इसके अलावा इस्पात के आयात पर एक महत्वाकांक्षी योजना को भी इसी फंड से पूरा किया जाएगा, जिससे तेजी से ट्रैक के नवीकरण की योजना को पूरा किया जा सके।

साथ ही मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन की टाइमलाइन तय करने के बारे में भी जेटली बजट भाषण में बोल सकते हैं।

माना जा रहा है कि सरकार यात्री किराए और माल-भाड़े में सीधी बढ़ोतरी करने से बचेगी। इसकी बजाए सरकार यात्री किराये पर ‘फ्लैक्सी फेयर’ स्कीम लागू कर सकती है।

रेल बजट 2017: नहीं बढ़ेगा यात्री किराया

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