उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी ही कांग्रेस की ओर से अकेले मोर्चे में जुटे हुए हैं। प्रियंका और सोनिया गांधी के चुनाव प्रचार को लेकर अभी कुछ तय नहीं है। वहीं कांग्रेस में दूसरी कतार के नेताओं के चुनाव प्रचार को लेकर समाजवादी पार्टी राजी नहीं है। सपा के उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि यूपीए सरकार में भ्रष्टाचार का मुद्दा अभी थमा नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद से लेकर चुनावी सभाओं में यूपीए सरकार के समय हुए घोटालों को निशाना बना रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी निशाने पर हैं। इसलिए पार्टी ऐसे हालात में कोई जोखिम लेना नहीं चाहती। राहुल के बाद कांग्रेस की ओर से राजबब्बर ही चुनाव प्रचार में सबसे ज्यादा सक्रिय हैं।

सपा नेता कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं। मगर सपा के उम्मीदवारों के लिए कांग्रेस के नेताओं के प्रचार करवाने की कोई मांग नहीं है। फर्रुखाबाद में सलमान खुर्शीद और कानपुर में श्रीप्रकाश जायसवाल कांग्रेस के उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के प्रभारी गुलाम नबी आजाद भी सपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार नहीं कर रहे हैं। प्रियंका गांधी के चुनाव प्रचार पर असमंजस को लेकर सपा के नेता नाराज हैं।

हालांकि सपा नेता नरेश अग्रवाल कहते हैं कि प्रियंका गांधी से चुनाव प्रचार करवाने का मामला कांग्रेस का अपना है। उसे इसके लिए बाध्य नहीं कर सकते। कांग्रेस में दूसरी कतार के नेताओं पी चिदंबरम, कपिल सिब्बल, जयराम रमेश, आनंद शर्मा, दिग्विजय सिंह, मनीष तिवारी जैसे नेताओं के प्रचार को लेकर सपा की तरफ से कोई मांग नहीं है। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार भी परहेज कर रहे हैं।

राहुल-प्रियंका-सोनिया के अलावा सपा को नहीं चाहिए कोई कांग्रेसी

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-