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प्रशासन की जवाबदेही लोकतंत्र का अहम हिस्सा है। आम आदमी को उसका पूरा हक तभी मिल सकता है जब उसे सही सूचना, जानकारी मिले। सरकारी कर्मचारी अपनी जवाबदेही से पीछे न हटें। ‘अधूरी आजादी’ सीरिज की छठी कहानी का सार भी यही है।

श्योपुर के ज्वालापुर गांव के असगर अली बीपीएल राशनकार्ड बनवाने जनपद कार्यालय पहुंचते हैं। वहां से उन्हें लोक सेवा केंद्र भेज दिया जाता है। केंद्र से उन्हें पता चलता है कि नई व्यवस्था में उन्हें तहसील कार्यालय जाकर पटवारी को आवेदन देना है।

समुचित जानकारी के अभाव में उनके कई चक्कर सही जगह पहुंचने में ही लग जाते हैं। फिर आवेदन देने के लिए पटवारी को ढूंढना पड़ता है। उसके घर जाकर फॉर्म देना पड़ता है। सारी कवायद में 24 दिन निकल जाते हैं। पटवारी ने उनके घर का सर्वे तो कर लिया है, लेकिन राशन कार्ड बनने का इंतजार हो रहा है।

राशनकार्ड का आवेदन जमा करना ही बना चुनौती

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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