नई दिल्‍ली। समाजवादी पार्टी में चल रहे झगड़े के बीच अब सुलह की खबरें सामने आने लगी हैं। मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव अपने‍ पिता मुलायम से मिलने पहुंचे हैं और दोनों के बीच बैठक जारी है।

सोमवार को चुनाव आयोग के सामने साइकिल पर दावा ठोकने के बाद मुलायम सिंह लखनऊ पहुंच गए हैं। इसके बाद अखिलेश खेमे की तरफ से रामगोपाल ने मंगलवार सुबह 11.30 बजे चुनाव आयोग के दफ्तर जाकर सपा के चुनाव चिन्‍ह साइकिल पर दावा ठोका। रामगोपाल ने कहा कि 90 प्रतिशत विधायक हमारे साथ हैं अौर पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश हैं इसलिए साइकिल चुनाव चिन्‍ह हमें ही मिलना चाहिए।

मुलायम यूपी में दोपहर में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर सकते हैं। इस बीच आजम खान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब भी सब खत्‍म नहीं हुआ है। उन्‍होंने कहा कि अल्‍पसंख्‍यक सपा के साथ हैं और भाजपा को सत्‍ता में आने से रोकना चाहते हैं। अगर कुछ हो सका तो सुलह की कोशिश करेंगे।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि मुलायम का दावा अखिलेश के मुकाबले ठोस है क्‍योंकि रामगोपाल और अखिलेश के निष्‍कासन के बाद पार्टी में जो वापसी हुई थी वो लिखित में उपलब्‍ध नहीं है। ऐसे में वो पार्टी से निष्‍कासित ही माने जाएंगे अौर कोई निष्‍कासित सदस्‍य पार्टी का अधिवेशन बुलाकर इस तरह के निर्णय नहीं ले सकता जैसे रामगोपाल ने लिए।

हालांकि खबर है कि चुनाव पास होने के चलते आयोग के पास इस झगड़े में पड़ने का ज्‍यादा वक्‍त नहीं है। ऐसे में वो साइकिल चुनाव चिन्‍ह को जब्‍त कर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो अखिलेश खेमे ने मोटरसाइकिल को अपना चुनाव चिन्‍ह बनाने की तैयारी भी कर रखी है।

आयोग से मुलाकात के दौरान अखिलेश खेमा रविवार को पार्टी के राष्‍ट्रीय अधिवेशन में लिए गए निर्णयों की जानकारी भी देगा जिसमें अखिलेश यादव को राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष बनाने के साथ ही मुलायम को मार्गदर्शक बनाया गया था।

झगड़े से निपटने के लिए आयोग के पास कम वक्‍त है लेकिन फैसले की गेंद भी उसी के पाले में है। मंगलवार को अखिलेश से बातचीत के बाद संभव है कि चुनाव आयोग कोई फैसला सुना दे। अगर उसने साइकिल के चुनाव चिन्‍ह को जब्‍त किया तो वो मुलायम सिंह और अखिलेश को अलग-अलग चुनाव चिन्‍ह दे सकता है।

रामगोपाल ने ठोका साइकिल पर दावा

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