ramgopal asks for special session

निष्कासित नेताओं की पार्टी में तत्काल वापसी, अखिलेश की सहमति से टिकट वितरण और अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की मांग पूरी न होने पर विशेष अधिवेशन बुलाने की मांग करके सपा के बर्खास्त महासचिव रामगोपाल यादव ने मास्टर स्ट्रोक खेला है। विशेष अधिवेशन की मांग एक तरह से पार्टी नेतृत्व को खुली चुनौती है। यह सपा के लिए टर्निंग पॉइंट हो सकती है। पिछले कुछ दिनों से शांत पड़ी सपा में रामगोपाल ने सोमवार को खलबली मचा दी।

तीन मांगे न माने जाने पर राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने की उनकी मांग के गहरे अर्थ निकाले जा रहे हैं। सपा में नीतिगत फैसलों के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन शीर्ष मंच है।

पार्टी संविधान में प्रावधान है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रस्ताव या राष्ट्रीय सम्मेलन के 40 प्रतिशत सदस्यों (डेलीगेट्स) की मांग पर पार्टी का विशेष अधिवेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष कभी भी बुला सकते हैं।

रामगोपाल ने कहा है कि पिछले दो महीने से सपा में कई बड़े नेताओं को असंवैधानिक तरीके से निकाला गया है। सीएम अखिलेश यादव को नजरंदाज करके मनमाने तरीके से टिकट बांटे जा रहे हैं।

बकौल रामगोपाल, इससे आहत होकर राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिनिधियों समेत हजारों कार्यकर्ता, सांसद और विधायक उनसे मिले हैं। तीन मांगे पूरी न किए जाने पर विशेष अधिवेशन बुलाने की मांग उन्हीं की मंशा के अनुरूप है।

उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कहा दिया है कि राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों का पार्टी नेतृत्व में विश्वास नहीं है, वे विशेष अधिवेशन बुलाने के पक्षधर है।

 

रामगोपाल ने खेला मास्टर स्ट्रोक

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