76788-coal-scam 23 08 2016

कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में दोषी राठी बंधुओं उदित राठी, प्रदीप राठी व एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी की दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को जमानत अवधि बढ़ा दी है। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने तीनों की सजा पर भी मामले की अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।

मामले की अगली सुनवाई 5 व 6 दिसंबर को होगी। तीनों ने निचली अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। गत 27 जुलाई को पटियाला हाउस कोर्ट ने राठी स्टील एवं पावर (आरएसपीएल) के प्रबंध निदेशक प्रदीप राठी, सीईओ उदित राठी और वरिष्ठ अधिकारी कौशल अग्रवाल को दो-दो लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी।

इससे पूर्व निचली अदालत ने आरएसपीएल पर 50 लाख, सीईओ उदित राठी पर 50 लाख जुर्माना व तीन साल कैद, एमडी प्रदीप राठी को तीन साल जेल व 25 लाख जुर्माना और कौशल अग्रवाल को दो साल कारावास व पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई था।

अदालत ने कहा था कि उक्त दोषियों ने कोयला मंत्रालय के समक्ष गलत तथ्यों को पेश किया। इन्होंने न सिर्फ कोयला मंत्रालय, बल्कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समक्ष भी गलत तथ्य पेश किए और कोल ब्लॉक हासिल करने में सफल रहे। गौरतलब है कि सीबीआइ द्वारा कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में दर्ज किए गए कुल 19 मुकदमों में से यह दूसरा मामला है, जिसमें अदालत ने सजा सुनाई थी।

 

राठी बंधुओं की सजा पर 5 दिसंबर तक रोक

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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