चेन्नई। राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने ई पलानीसामी को सरकार बनाने का न्योता दे दिया है जिसके बाद यह लगभग तय है कि वो ही तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री होंगे।

इसस पहले राज्यपाल के बुलावे पर पलानीसामी चार और लोगों की टीम के साथ राजभवन पहुंचे और खुद को मिले 123 विधायकों के समर्थन का दावा पेश किया। पलानीसामी को शाम 4.30 बजे शपथ दिलाए जाने की बात कही जा रही है, हालांकि उन्हें राज्यपाल ने अगले 15 दिनों की भीतर विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहा है।

वहीं दूसरी तरफ पन्नीरसेल्वम खेमा उनको पार्टी से निकाले जाने के खिलाफ चुनाव आयोग जाने की तैयारी में है ताकि पलानीसामी के हाथों में सत्ता जाने से रोक सके।

इससे पहले बुधवार साम को 7.30 बजे पलानीसामी ने तमिलनाडु के राज्यपाल सी विद्यासागर राव से मुलाकात कर उनसे आग्रह किया कि उन्हें सरकार बनाते का न्यौता दिया जाए। मुलाकात में पलानीसामी ने 124 विधायकों के समर्थन की सूची राज्यपाल को सौंपी थी, जबकि पन्नीरसेल्वम ने दावा किया थी कि उनके पास 8 विधायकों का समर्थन हैं।

इसके चलते राज्यपाल के पास पलानीसामी को आमंत्रित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।’ सूत्र के अनुसार, राज्यपाल ने उन सभी पहुलुओं पर विचार किया है जिनमें कहा जा रहा था कि कई विधायकों को रिजॉर्ट में कैद करके रखा गया है।

उधर, जेल जाने से पहले शशिकला ने अपने उन रिश्तेदारों को फिर से पार्टी में शामिल कर लिया जिन्हें जयललिता ने पार्टी से निकाल दिया था। शशिकला ने अपने भतीजे और पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनाकरण को अन्नाद्रमुक का उप महासचिव नियुक्त किया है।

दिनाकरण की नियुक्ति के बाद अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता वी. करप्पासामी पांडियन ने पार्टी के संगठन सचिव पद से इस्तीफा दे दिया। नाराज पांडियन ने जयललिता द्वारा निष्कासित लोगों को फिर से शामिल करने के शशिकला के अधिकार पर सवाल उठाया और कहा कि क्या अन्नाद्रमुक शशिकला की पारिवारिक संपत्ति है।

राज्यपाल ने पलानीसामी को सरकार बनाने का न्योता दिया

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