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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 20 अगस्‍त को बर्थ एनिवरर्सी है। यूपी के इलाहाबाद से राजीव गांधी का गहरा नाता रहा है। यहां उनका ननिहाल था। आज भले ही राजीव इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी पत्‍नी सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी को बाखूबी संभाल रही हैं। आपको राजीव और सोनिया की LOVE स्‍टोरी के बारे में बताने जा रहा है।
पहली बार रेस्टोरेंट में मिले थे राजीवसोनिया
– यूपी के रायबरेली सीट से सांसद सोनिया गांधी का रियल नेम ‘एन्टोनिया मैनो’ है।
– उनका जन्म इटली के लूसियाना गांव में हुआ था।
– सोनिया और राजीव गांधी की पहली मुलाकात साल 1965 में हुई थी।
– 1964 में सोनिया ब्रिटेन के कैम्ब्रिज शहर में इंग्लिश पढ़ने गई थीं, जबकि राजीव गांधी कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ ट्रिनिटी में पढ़ाई कर रहे थे।
– एक दिन राजीव अपने दोस्तों के साथ कैंब्रिज के एक रेस्टोरेंट गए थे। वहीं, उनकी सोनिया से मुलाकात हुई।
– अचानक राजीव की नजर सोनिया पर पड़ी और तभी से दोनों में दोस्‍ती हो गई।

– इसी दौरान दोनों में प्‍यार हो गया। जब बात शादी तक पहुंची, तब सोनिया को पता चला कि राजीव कोई और नहीं बल्कि भारत के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

 

जानिए राजीव के बारे में क्या लिखा था?

– सोनिया का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। वह कैंब्रिज में पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम जॉब भी करती थीं।
– राजीव से प्‍यार के बारे में उन्‍होंने लेटर लिखकर अपने घरवालों को बताया था।
– उन्होंने लिखा था, ‘मैं एक इंडियन लड़के से प्यार करती हूं। वह एक स्पोर्ट्समैन है। नीली आंखों वाले ऐसे ही राजकुमार का मैं हमेशा से सपना देखती थी।’

तीन साल डेट के बाद की थी शादी

– 3 साल डेट करने के बाद 1968 में राजीव ने सोनिया से दिल्ली में अमिताभ बच्चन के घर पर शादी की थी।
– बताया जाता है कि अमिताभ की मां तेजी बच्चन ने सोनिया को शादी के दिन साड़ी पहनना बताया था।
– उन्होंने ही सोनिया का मेकअप किया और मेहंदी लगवाई। तेजी बच्चन इंदिरा गांधी की बहुत अच्छी दोस्त थीं।
– इंदिरा को राजीव और सोनिया के रिश्तों की खबर नहीं थी। दोनों के रिश्ते की बात इंदिरा को तेजी बच्चन ने बताई थी।
– इसमें लंबा समय लग गया। इसलिए पूरे दो महीने तक सोनिया, बच्चन परिवार के घर में एक सदस्य की तरह रहीं। आखिर में इंदिरा इस रिश्ते के लिए तैयार हो गईं।
– शादी के समय सोनिया के परिवार वाले इटली में थे। इसलिए अमिताभ के पिता हरिवंश राय बच्चन और उनकी मां तेजी बच्चन ने सोनिया का कन्यादान किया था।

 

राजीव गांधी ने मजबूरी में संभाली थी सत्ता
– साल 1980 में संजय गांधी की मौत हो गई थी। इसी बीच 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई।
– माता पिता की मौत से आहत राजीव ने पार्टी की कमान संभाली, लेकिन अच्‍छे कामों के चलते उनके कई दुश्‍मन भी बन गए।
– साल 1991 में श्रीपेरुंबदूर की एक सभा में उन्हें बम से उड़ा दिया गया।
– पति की मौत से सदमे में पहुंची सोनिया ने बहुत दिनों तक खुद को राजनीति से दूर रखा। हालांकि, बाद में उन्हें राजनीतिक विरासत संभालनी पड़ी।

राजीव को बताया था नीली आंखों वाला राजकुमार, ऐसे थी इनकी LOVE स्टोरी

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