dinosaurs-footprints-dinosaurs-rajasthan-jainarayan-vyas-university-eubrontes-gleneronsensis-theropod_1465809661

जैसलमेर के लाठी में 15 करोड़ वर्ष पुराने डायनासोर के पदचिन्ह मिले हैं। इसे जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के भूगर्भविभाग के वैज्ञानिकों की एक टीम ने करीब 15 वर्षों की मशक्कत के बाद ढूंढ़ निकाला है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इयुब्रोनेट्स ग्लेनेरोंसेंसिस थेरेपॉड नामक डायनासोर के पैर के निशान मिले हैं। निशान देखने पर पता चलता है कि पैर में तीन मोटी उंगलियां थीं। इस प्रकार के डायनासोर एक से तीन मीटर ऊंचे और पांच से सात मीटर होते थे।

त्रिपदीय पैर वाले इस डायनासोर के जीवाश्म इससे पहले फ्रांस, पोलैंड, स्लोवाकिया, इटली, स्पेन, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में मिले हैं।

इयुब्रोनेट्स ग्लेनेरोंसेंसिस थेरेपॉड के पैरों के निशान को खोजने वाले वैज्ञानिकों में डॉक्टर वीरेंद्र सिंह परिहार, डॉक्टर सुरेंद्र चंद्र माथुर और डॉक्टर शंकर लाल नामा शामिल हैं।
पैरों के निशान से अंदाजा लगाया गया है कि डायनासोर का पंजा 30 सेंटीमीटर लंबा था। भारत में डायनासोर के जीवाश्म कच्छ बेसिन और जैसलमेर बेसिन में मिलने की संभावनाएं जताई जाती रही हैं।

अब ये तय हो गया है कि राजस्थान में खोजने पर चट्टानों से डायनासोर के जीवाश्म भी मिल सकते हैं। वैज्ञानिकों की मानें तो डायनासोर के पदचिन्ह से उनकी विलुप्ती के कारणों को जानने में और मदद मिलेगी।

राजस्थान में मिले डायनासोर के 15 करोड़ साल पुराने पदचिन्ह

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-