ratan-tata-sons-chairman 25 10 2016

टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद से सायरस मिस्त्री को अचानक हटाए जाने के बाद जिम्मेदारी संभालने वाले रतन टाटा ने अपने कर्मचारियों को बताया है कि आखिर वह दोबारा इस कुर्सी पर बैठने के लिए क्यों तैयार हुए। कंपनी के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने कर्मचारियों को चिट्ठी लिखकर कहा कि ग्रुप की स्थिरता और उसमें भरोसा बढ़ाने के लिए वह अंतरिम चेयरमैन की जिम्मेदारी निभाने को तैयार हुए हैं।

पत्र में 78 वर्षीय टाटा ने कहा कि टाटा संस के निदेशक मंडल ने सोमवार को एक बैठक में मिस्त्री को तत्काल प्रभाव से चेयरमैन पद से हटा दिया है। उन्होंने कहा, ‘एक नई प्रबंधकीय व्यवस्था की गई है और टाटा संस के नए चेयरमैन की पहचान करने के लिए एक समिति का भी गठन किया गया है।’

वर्ष 2012 में 29 दिसंबर को टाटा संस के चेयरमैन पद से सेवानिवृत्त हो जाने के बाद समूह के मानद चेयरमैन टाटा ने कहा, ‘समिति को इस काम के लिए चार महीने का समय दिया गया है। इस दौरान निदेशक मंडल ने मुझसे कंपनी के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा है और मैं टाटा समूह की स्थिरता एवं उसमें उसके प्रति विश्वास को बनाए रखने के लिए यह जिम्मेदारी उठाने को तैयार हूं।’

टाटा इससे पहले 1991 से 2012 तक कंपनी के 21 साल तक चेयरमैन रहे हैं। टाटा ग्रुप के सबसे बड़े हिस्सेदार शापूरजी पालोंजी ग्रुप के प्रतिनिधि के तौर पर सायरस मिस्त्री को नवंबर, 2011 में टाटा समूह का डेप्युटी चेयरमैन बनाया गया था। वह 2006 में कंपनी के बोर्ड में शामिल हुए थे।

रतन टाटा ने बताया, क्यों संभाली अंतरिम चेयरमैन की जिम्मेदारी

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