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पुलिस और पीएसी में चार हजार से अधिक पुरुष और महिला उपनिरीक्षकों की भर्ती के मामले में हाईकोर्ट ने ओवरएज हो गए अभ्यर्थियों को राहत देते हुए सभी को परीक्षा में शामिल करने का निर्देश दिया है। हालांकि कोर्ट ने कहा है कि उनका परिणाम इस याचिका के निर्णय पर निर्भर करेगा।

यह अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा की कट ऑफ डेट एक जुलाई 2015 से बदल कर एक जुलाई 2016 कर देने से ओवरएज हो गए थे। निर्भय शुक्ला और अन्य ने याचिका दाखिल कर विज्ञापन में इस बदलाव को चुनौती दी थी। याचिका पर न्यायमूर्ति आरएसआर मौर्या ने सुनवाई की।

याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक नागरिक पुलिस में उपनिरीक्षकों की भर्ती के लिए 19 अगस्त 2015 को भर्ती नीति जारी की गई। इसके तहत तीन हजार उपनिरीक्षकों (1600 पुरुष, 1400 महिला) की भर्ती के लिए 18 सितंबर 2015 को विज्ञापन जारी किया गया।

विज्ञापन में अधिकतम आयु की कट ऑफ डेट एक जुलाई 2015 और शैक्षिक अर्हता स्नातक में 50 प्रतिशत अंक घोषित की गई। यह भी कहा गया कि विस्तृत विज्ञापन बाद में जारी होगा जिसमें भर्ती परीक्षा से संबंधित नियम और शर्तें विस्तार से दी जाएंगी।

इस दौरान शैक्षिक अर्हता स्नातक में 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता के खिलाफ कई अभ्यर्थी कोर्ट चले गए। प्रदेश सरकार ने कोर्ट में आश्वासन दिया कि वह 50 प्रतिशत अंक की अर्हता को समाप्त कर देंगे।

इसके क्रम में तीन दिसंबर 2015 को नई भर्ती नियमावली बनाई गई। इसमें स्नातक में 50 प्रतिशत अंक की अर्हता को समाप्त कर दिया गया। मगर प्रदेश सरकार ने पुराने विज्ञापन को रद्द करके 17 जून 2016 को नया विज्ञापन जारी कर दिया।

नए विज्ञापन में अधिकतम आयु सीमा की कट ऑफ डेट एक जुलाई 2015 से बढ़ा कर एक जुलाई 2016 कर दी गई। इसमें पद भी बढ़ाकर पुरुष उपनिरीक्षकों के पद 1600 से 2700 कर दिया गया। भर्ती नीति के अनुसार आवेदन करने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम 28 वर्ष है। इसकी वजह से तमाम ऐसे अभ्यर्थी जो एक जुलाई 2015 को 28 वर्ष से कम थे, एक जुलाई 2016 को 28 वर्ष से अधिक हो गए।

याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि एक बार विज्ञापन जारी होने केबाद कट ऑफ डेट नहीं बदली जा सकती है। 16 जून को जारी विज्ञापन 18 सितंबर 2015 के विज्ञापन का ही विस्तृत रूप है। इसकी विज्ञापन संख्या भी वही है।

कोर्ट को बताया कि भर्ती नीति के अनुसार भर्ती वर्ष एक जुलाई 2015 से 30 जून 2016 माना जाएगा। इस दौरान कोई भी विज्ञापन जारी होता है तो उसकी कट ऑफ डेट एक जुलाई 2015 ही रहेगी। कोर्ट ने ऐसे सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल करने का निर्देश दिया है जो एक जुलाई 2015 को आवेदन के लिए अर्ह थे। कहा है कि उनका परिणाम याचिका के निर्णय पर निर्भर करेगा।

यूपी: हाईकोर्ट का पुलिस भर्ती को लेकर बड़ा फैसला, मिली राहत

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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