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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में बृहस्‍पतिवार हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। जिसमें काफी दिनों से लटके नगर निकायों में संविदा पर सफाई कर्मचारियों की भर्ती का रास्ता अब साफ हो गया है। कैबिनेट की बैठक में इससे संबधित प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। प्रस्ताव के मुताबिक अब 35,744 पदों के स्थान पर 40 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही चयन समिति के गठन की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। जिसके तहत डीएम के अधिकार को समाप्त कर संबधित नगर निकाय महापौर व चेयरमैन की अध्यक्षता में ही समिति गठित की जाएगी। आरक्षण की व्यवस्था भी पहले की तरह ही होगी।

दरअसल सफाई कर्मचारियों की कमी को देखते हुए पिछले साल ही सरकार ने 35,744 पदों पर सफाई कर्मचारियों की भर्ती का आदेश जारी किया था, लेकिन कुछ संगठनों द्वारा आरक्षण संबंधी अड़ंगा लगा दिए जाने से भर्ती की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। बाद में भर्ती से संबंधित प्रस्ताव को संशोधित करते हुए 40 हजार पदों पर भर्ती करने का निर्णय लिया गया था। जिसे आज कैबिनेट से मंजूरी दी गई है।

प्रस्ताव के मुताबिक चयन प्रक्रिया में पूर्व की भांति आरक्षण व्यवस्था का ध्यान रखा जाएगा। प्रस्ताव में कहा गया है कि चयन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम-1994 (यथा संशोधित) का अनुपालन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा चयन सूची में नामों को साक्षात्कार में प्रदान किए गए अंकों के अनुसार रखा जाएगा।

इसके अलावा चयन समितियों द्वारा चयनित अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने के बाद उसे शासन को भेजना होगा, जहां से अनुमोदन के बाद उसे जारी किया जाएगा। कैबिनेट की मुहर लगने के बाद जल्द ही निकायों में सफाई कर्मचारियों के भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

अल्पसंख्यक समुदाय के गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को बेटियों की शादी के लिए अब 20 हजार रुपये अनुदान मिलेगा। बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। यही नहीं, अनुदान के लिए आवेदकों की आय सीमा भी बढ़ा दी गई है।

बता दें, मौजूदा समय में मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध, पारसी एवं जैन समुदाय के गरीब अभिभावकों की पुत्रियों की शादी के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। इसे बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है। आर्थिक मदद के लिए अभी तक ग्रामीण क्षेत्र में 19,884 रुपये और शहरी क्षेत्र के लिए 25,546 रुपये आय की सीमा तय थी। इसे बढ़ाकर शहरी क्षेत्र में 56,460 और ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित की गई है। यह अनुदान एक परिवार की अधिकतम दो पुत्रियों के विवाह के लिए दिया जाएगा।

इस योजना को पहली बार ऑनलाइन किए जाने का भी निर्णय लिया गया है। आवेदक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के सुचारु व प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डीएम की अध्यक्षता में जिलास्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन किया गया है।

अनुदान की मंजूरी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय स्वीकृति समिति का गठन किया गया है। योजना के तहत पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला अथवा दिव्यांग आवेदक को वरीयता दी जाएगी। योजना के तहत लाभार्थियों को अनुदान ई-पेमेंट के जरिए सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

कैबिनेट ने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने के प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार को मुहर लगा दी। इस फैसले से ग्राम्य विकास अभिकरण के 955 कर्मचारियों को लाभ होगा।

इन कर्मचारियों को न सिर्फ पेंशन, ग्रेच्युटी का ही नहीं बल्कि मृतक आश्रित को नौकरी जैसी सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी, लेकिन इन्हें कोई भी लाभ पिछली तारीख से नहीं मिलेगा। इन्हें वर्ष 2005 से लागू नई पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा।

इन कर्मचारियों की सेवानिवृत्त आयु पहले ही 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष की जा चुकी है। फैसले के अनुसार, कर्मचारी पूर्ववत आगे भी डीआरडीए में ही काम करते रहेंगे। पर, अब यह ग्राम्य विकास विभाग के प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारी व कर्मचारी माने जाएंगे।

ग्राम्य विकास अभिकरण के इन पदों पर अब कोई सीधी भर्ती नहीं होगी, बल्कि ग्राम्य विकास से प्रतिनियुक्ति पर तैनात कर्मचारी ही इन पदों पर काम करेंगे। डीआरडीए कर्मचारियों के मौजूदा पद उनके संवर्ग सहित ग्राम्य विकास विभाग में मर्ज हो जाएंगे।

मथुरा-वृंदावन स्थित यमुना नदी के घाटों का विस्तार, नवीनीकरण व सुंदरीकरण कराया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए 177.81 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार कराई गई है। बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की बैठक  में इस परियोजना को मंजूरी दे दी गई।

मथुरा-वृंदावन के मंदिरों में दर्शन के लिए पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहता है। वृंदावन में यमुना नदी के किनारे श्रद्धालुओं के स्नान के  लिए एक मात्र पक्का केसी घाट जीर्णशीर्ण अवस्था में है। इस घाट के अपस्ट्रीम में चार अन्य घाट चीर घाट, बिहार घाट, जुगल घाट व भ्रमण घाट कच्चे हैं।

यमुना नदी के दाएं किनारे पर कोसी नाला व शहर की ओर से पांच गंदे नाले नदी में मिलते हैं। इनसे घाटों के पास का पानी अत्यंत दूषित रहता है। सभी नालों को टेप करके परिक्रमा मार्ग के साथ-साथ लगभग 2000 मीटर लंबाई में इंटरसेप्टिंग ड्रेन का निर्माण कर दूषित पानी को केसी घाट के नीचे तक लाया जाएगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में घाटों पर प्रदूषित जल न पहुंचे।

भविष्य में इस स्थल से पानी को द्वितीय चरण में एसटीपी तक जोड़ने का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। वृंदावन स्थित केसी घाट व अन्य घाटों का 225 मीटर लंबाई में पुनरुद्धार करते हुए 500 मीटर लंबाई में नए घाटों को पक्का कराने एवं नदी के किनारे का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।

राज्य सरकार ने वेबसाइट व पोर्टल को सरकारी विज्ञापन देने की नीति को मंजूरी दे दी है। बृहस्पतिवार को कैबिनेट में यह फैसला सरकार की उपलब्धियों, सूचनाओं एवं जानकारियों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए किया गया। नीति में विज्ञापन जारी करने के लिए वेबसाइट और पोर्टल को सूचीबद्ध करने के लिए शर्तें तय कर दी गई हैं।

फैसले के अनुसार, वेबसाइट या वेब मीडिया एवं पोर्टल कम से कम तीन वर्ष से चल रहे होने चाहिए। ऐसे वेबसाइट या पोर्टल जिनके दर का निर्धारण केंद्र सरकार के डीएवीपी द्वारा किया गया हो, उन्हें विभाग द्वारा सूचीबद्ध मान लिया जाएगा। विज्ञापन मान्यता के लिए आवेदन करते वक्त वेबसाइट व पोर्टल को अपना रजिस्ट्रेशन सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय में कराना पड़ेगा। अंग्रेजी वेब मीडिया को भी हिंदी वेब मीडिया की भांति विज्ञापन जारी किया जाएगा।

तीन श्रेणी में बांटकर विज्ञापन : विज्ञापन के लिए वेबसाइट व पोर्टल को तीन श्रेेणियों में बांटा जाएगा। विज्ञापन उन्हीं वेबसाइट व पोर्टल को मिलेगा, जिसकी प्रतिमाह हिट्स की न्यूनतम संख्या 2.5 लाख होगी। हिट्स की गणना के लिए छह महीने का औसत आधार लिया जाएगा। गणना के लिए सूचना विभाग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य थर्ड पार्टी, जो केंद्र सरकार में वेबसाइट के ट्रैफिक का मॉनिटर करती हो, उसी का प्रमाण पत्र स्वीकार करेगा।

कैबिनेट ने महोबा के अर्जुन सहायक पुनरीक्षित परियोजना के लिए 2593.93 करोड़ रुपये के खर्च के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे बुंदेलखंड के लिए सिंचाई सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी।

परियोजना के अंतर्गत लहचूरा बांध का आधुनिकीकरण किया जाएगा। साथ ही धसान नदी के दाएं किनारे से 2600 क्यूसेक क्षमता एवं 41.60 किलोमीटर की लंबाई के अर्जुन फीडर की क्षमता को बढ़ाया जाएगा।

अर्जुन बांध से कवरई बांध तक पानी की क्षमता बढ़ाकर 2200 क्यूसेक की जाएगी। साथ ही 31.80 किलोमीटर लंबे कवरई फीडर का निर्माण होगा। इससे चंद्रावल तथा कवरई बांध को पूरी क्षमता तक भरा जा सकेगा।

इस परियोजना से 44.381 हेक्टेयर सिंचन क्षमता बढे़गी। इससे महोबा, हमीरपुर एवं बांदा के किसान लाभान्वित होंगे। कवरई बांध से महोबा को 20 मिलियन घन मीटर पानी पीने के लिए भी मुहैया कराया जाएगा।

जल निगम में जूनियर इंजीनियर (सिविल) के रिक्त 126 पदों पर भर्ती से संबंधित प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इंजीनियरों की भर्ती नगर विकास विभाग अपने ही स्तर से करेगा।

दरअसल अब तक इंजीनियरों के भर्ती की प्रक्रिया राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अधीन थी, लेकिन नगर विकास मंत्री आजम खां के विरोध के बाद यह अधिकार नगर विकास विभाग को वापस मिल गया है।

चूंकि जल निगम नगर विकास विभाग के ही अधीन काम करता है, इसलिए जेई की भर्ती नगर विकास विभाग ही करेगा। सचिव नगर विकास विभाग एसपी सिंह ने बताया कि जल्द ही भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

बलिया में गंगा पर पुल के लिए 630.29 करोड़ मंजूर
कैबिनेट ने गंगा नदी पर श्रीरामपुर घाट पर स्टेट ऑफ  दि आर्ट सेतु के लिए 630 करोड़ 29 लाख 57 हजार रुपये के पुनरीक्षित लागत को मंजूरी दे दी। साथ ही प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी।

यूपी कैबिनेट के अहम फैसले, होगी 40 हजार कर्मचारियों की भर्ती

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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