दो दिन से लापता युवक की लाश मिलने से गुस्साई भीड़ ने पेट्रोल डालकर मदनपुर थाने को जला दिया। थाने के भीतर सीओ, इंस्पेक्टर समेत कई पुलिसकर्मियों की पिटाई की। तीन पुलिस कर्मचारियों को गंभीर चोट आईं हैं। पुलिस वाहनों समेत 24 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

उपद्रवियों के रौद्र रूप को देख पुलिसकर्मी थाना छोड़कर भाग खड़े हुए। उपद्रवियों ने पांच राउंड फायरिंग और पथराव भी किए। इसके बाद दस्तावेजों में आग लगाकर मालखाने से दो रिवाल्वर लूट ले गए। आग में पुलिस की 31 एसएलआर और इंसास राइफल के अलावा अन्य असलहे भी जल गए। ढाई घंटे तक हालत बेकाबू रहे। पुलिस के लाठीचार्ज पर उपद्रवी भड़क गए। जवाबी हमले में पत्थर फेंकने लगे।

मदनपुर, कोटिया मोहल्ला के फैज मोहम्मद का 22 वर्षीय बेटा रहमतुल्ला दो दिन पहले शौच के लिए राप्ती नदी के किनारे गया था। शाम तक घर नहीं लौटा तो परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि पुलिस ने मामले को हल्के में लिया। बुधवार की सुबह रहमतुल्ला की लाश केवटलिया के पास राप्ती में मिली। हत्या की आशंका जताते हुए लोग हमलावर हो गए।

असलहे से लैस उपद्रवियों ने मदनपुर थाने पर सुबह 11 बजे धावा बोल दिया। अभी उपद्रवी थाने के गेट पर थे कि महिला इंस्पेक्टर मय फोर्स पहुंची। उपद्रवी उनसे बहस करने लगे। महिला इंस्पेक्टर ने कहा कि जैसा चाहेंगे, उस तरह की कार्रवाई होगी। इसी बीच सीओ रुद्रपुर शितांशु कुमार थाना गेट पर पहुंचे तो लोग उनकी गाड़ी पर टूट पड़े।

सीओ के साथ मारपीट करने लगे। सीओ से अपनी गाड़ी अंदर से लॉक कर ली। रॉड-डंडे से हमला होता देख चालक अंदर गाड़ी लेकर भागा। सीओ की गाड़ी में सवार रुद्रपुर के इंस्पेक्टर बीबी सिंह पर भी हमला हुआ। उपद्रवियों ने फायरिंग करते हुए थाने का मालखाना लूटने लगे।

उपद्रवी मौजूद पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने लगे। जान बचाकर पुलिसकर्मी थाने से भाग खड़े हुए। इसके बाद उपद्रवियों को तांडव करने का खुला मौका मिल गया। महिलाएं घरों से डिब्बे में पेट्रोल लेकर आईं थीं। उपद्रवियों ने तेल छिड़कर गाड़ियों को आग के हवाले किया। आग से सीओ रुद्रपुर, इंस्पेक्टर मदनपुर की गाड़ी जल गई।

मुकदमे में बंद जीप और ट्रैक्टर भी जल गए। कई चार पहिया वाहनों को क्षतिग्रस्त कर आग लगा दी गई। गनियारी के पास केवटलियां गांव के गुड्डू सिंह की दुकान में आग लगा दी गई। पुलिस की 14 बाइक और छह बड़ी गाड़ियां जल गईं। थाने के सभी अभिलेख और करीब 40 हजार रुपये जल गए।

पथराव के दौरान आरक्षी राममिलन गिरी, रामसमुझ और विनोद को गंभीर चोट आईं हैं। कई थानों की फोर्स आने के बाद ही उपद्रवियों ने थाना परिसर खाली किया। पुलिस ने जब उपद्रवियों को कस्बे के भीतर खदेड़ा तो जमकर पथराव किया गया।

डीआईजी गोरखपुर शिवसागर सिंह, डीएम अनिता श्रीवास्तव, एसपी मोहम्मद इमरान, अपर पुलिस अधीक्षक एनके सिंह समेत जिले के अन्य पुलिस अफसर जमे थे। देर शाम को आईजी भी घटनास्थल पर पहुंचे।

मामले की जांच की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। थाने में काफी नुकसान हुआ है। उपद्रवियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। कानून को हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं है। हालात अब नियंत्रण में है। इसके बावजूद भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है।
अनिता श्रीवास्तव, डीएम देवरिया।

शव मिलने के बाद की प्रतिक्रिया है। पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट हुई। कई वाहनों में आग लगा दिए गए। असलहे लूट लिए गए। फायरिंग की बात सामने आई है। जांच हो रही है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। असलहों का मिलान किया जा रहा है। उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद इमरान, एसपी देवरिया।

यूपी के देवरिया में उपद्रवियों ने थाना फूंका, सीओ, इंस्पेक्टर की पिटाई

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-