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महानगर के अतिसंवेदशनशील मदार गेट चौराहे से सटे आर्यसमाज रोड पर रविवार देर रात मिश्रित आबादी वाले इलाके में अगल-बगल दो धार्मिक आयोजनों ने शहर का माहौल बिगाड़ दिया। दोनों समुदायों के सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए और धार्मिक नारेबाजी शुरू हो गई।

खबर पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे हालात काबू किए। बाद में भाजपाइयों के पहुंचने पर माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। मगर इसी बीच बिना प्रशासनिक अनुमति के देवी जागरण की खबर पर जब मेयर अपनी बात रख वहां से निकलने लगीं तो उनकी गाड़ी पर देवी जागरण कराने की जिद पर अड़े लोगों ने पथराव कर दिया।

बाद में इन्हीं लोगों ने जीटी रोड व आगरा रोड पर जाम लगाकर कई गाड़ियों पर पथराव कर किया। देर रात मानिक चौक के अंदर से पुलिस पर पथराव की खबरें आ रही थीं। शहर भर का पुलिस बल इलाके में चारों ओर हालात संभालने में लगा हुआ था।

रविवार रात करीब 8 बजे रमजान के 13वें रोजे की तरावीह पढ़ने के लिए सराय पीरबक्श व सराय कला इंतजाम अली में लोगों की भीड़ जमा हो रही थी। तभी अचानक पता चला कि मदार गेट चौराहे से आर्यसमाज रोड की ओर बढ़ते ही देवी जागरण की तैयारी चल रही है और वहां मूर्ति आदि लगाकर मंच भी सजा दिया गया है।

इस पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी तो अचलताल व मदार गेट पुलिस वहां आ गई। देवी जागरण की अनुमति नहीं होने पर पुलिस ने इसको बंद करने को कहा। जिस पर आयोजकों ने पुलिस की बात अनसुनी कर दी। इसे लेकर वहां दोनों ओर से तनातनी व परस्पर विरोधी धार्मिक नारेबाजी शुरू हो गई।

दोनों ओर से सैकड़ों की संख्या में भीड़ जमा हो गई। खबर पर एसओ गांधीपार्क, इंस्पेक्टर कोतवाली भी पहुंच गए। इसी बीच मेयर शकुंतला भारी, भाजपा नेता राजीव अग्रवाल, मानव महाजन, मनोज शर्मा, संजीव राजा, मनीष अग्रवाल, कालीचरण वार्ष्णेय आदि पहुंच गए।

जब भाजपाइयों को पता चला कि देवी जागरण की अनुमति नहीं है तो भाजपाई आर्य समाज के अंदर बैठकर आपस में चर्चा करने लगे। बिना अनुमति आयोजन पर पुलिस का दबाव बढ़ता देख भाजपाई आपस में ही उलझ गए।

वहां पर एक खेमा अनुमति नहीं होने पर देवी जागरण बंद कर देने पर तो दूसरा खेमा इस बात पर अड़ गया कि अपने ही मोहल्ले में देवी जागरण के लिए अनुमति क्यों मांगी जाए..? दोनों खेमों में जोरदार बहस हुई। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बाद में अंदर अधिकारियों ने पहुंचकर भी साफ चेतावनी दे दी कि बिना अनुमति आयोजन नहीं होगा।

इधर, पुलिस ने नेताओं के घटनास्थल से रवाना होते ही देवी जागरण को बंद करा दिया। वहां से भीड़ को भी हटाया गया। लेकिन दोनों समुदायों से नारेबाजी चलती रही। आर्य समाज मंदिर में कुछ देर तक मंत्रणा करने के बाद भाजपा के सभी नेता वहां से निकल गए।

अचल रोड से निकल रहीं मेयर की कार पर कुछ भाजपा समर्थकों और अराजक तत्वों ने ही पथराव कर दिया। इससे एकाएक भगदड़ मच गई और दो गुटों में बंटी लाठी-डंडे लिए भीड़ ने डीएस कॉलेज व मानिक चौक पर जाम लगा दिया।

दोनों तरफ सड़क पर भी पथराव किया गया। जिससे मानिक चौक पर एक पुलिसकर्मी व एक राहगीर की गाड़ी तक क्षतिग्रस्त हो गई। लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद धीरे धीरे माहौल शांत होने लगा। मानिक चौक के अंदर से जरूर रुक-रुक कर काफी देर तक पुलिस पर पथराव किया जाता रहा।

देर रात 11 बजे तक अचल रोड, रामलीला मैदान, मदार गेट तिराहा, मोहल्ला इंतजाम अली, मोहल्ला पीरबख्श, सराय सुल्तानी, आगरा रोड सहित आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई। देर रात तक खुलने वाली दुकानों के शटर हंगामा होते ही गिर गए थे।

”महानगर में धारा 144 लागू है। बिना अनुमति धार्मिक आयोजन कराया जा रहा था। जिसे लेकर दूसरे पक्ष ने ऐतराज जताया था। इसी ऐतराज के चलते इलाके में तनाव बन गया था। मगर अब पुलिस बल की मदद से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हालात काबू में हैं। दोनों पक्षों के लोगों से अलग-अलग वार्ता जारी है।” –लव कुमार एसएसपी

यूपीः धार्मिक आयोजन से बवाल

| अलीगढ़, उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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