महाराष्‍ट्र के यवतमाल में स्‍कूल में बच्चियों से यौन शोषण के मामले ने तूल पकड़ लिया है। भले ही पुलिस ने स्‍कूल के प्राचार्य को पास्‍को एक्‍ट के तहत गिरफ्तार कर लिया हो लेकिन बच्‍चों के परिजनों का गुस्‍सा थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार को स्‍कूल के खिलाफ हुए परिजनों के प्रदर्शन के दौरान 40 से ज्‍यादा लोग घायल हो गए।

घायलों में 22 पुलिसवालों के अलावा पत्रकार और प्रदर्शनकारी शामिल हैं। प्रदर्शनकारी जवाहरलाल दर्डा एजुकेशन सोसायटी के सचिव किशोर दर्डा और राज्यसभा सांसद विजय दर्डा की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन कर रही नाराज भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की जिसके जवाब में पुलिस ने भी भीड़ को तितर बितर करने के लिए जमकर लाठियां भांजी और आंसू गैस के गोले छोड़े।

वडगांव पुलिस थाने के स्‍टेशन ऑफिसर देवीदास धोले के अनुसार प्रदर्शनकारियों के पथराव में 15 से ज्‍यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं राज्‍य कंट्रोल रूम के अधिकारियों के अनुसार पुलिस की कार्यवाही में 25 से ज्‍यादा लोग घायल हुए हैं जिनमें से दो पत्रकार भी हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए अमरावती रेंज के स्‍पेशल पुलिस कमिश्‍नर संजीव कुमार सिंघल ने इलाके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

दरअसल यवतमाल के दर्डा स्‍कूल में कई छात्राओं ने अपने परिजनों से यौन शोषण की शिकायत की थी जिसके बाद बच्‍चों के माता-पिता ने समूहिक एफआईआर दर्ज करवाई। परिजनों की शिकायत के बाद स्‍कूल के तीन शिक्षकों के अलावा प्राचार्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद अब परिजनों की मांग है कि किशोर दर्डा को गिरफ्तार किया जाए।

इलाके में बिगड़ते माहौल को देखते हुए बड़ी संख्‍या में सीआरपीएफ जवानों को तैनात कर दिया गया था। इस बीच केंद्रीय मंत्री हंसराज अहिर ने घायलों से अस्‍पताल में मुलाकात की। उन्‍होंने यवतमाल में स्थिति बिगड़ने के लिए वहां के एसपी को जिम्‍मेदार ठहराया। उन्‍होंने पूरे मामले ही उच्‍च स्‍तरिय जांच की मांग करते हुए कहा कि वो इस मामले को मुख्‍यमंत्री को भी स्थिति से अवगत कराते हुए पूरी जानकारी दी है।

यवतमाल स्‍कूल यौन शोषण मामले में पेरेंट्स का प्रदर्शन

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