kejriwal-cag-misuse-money_2016825_121656_25_08_2016

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की छवि हमेशा से ही नरेंद्र मोदी विरोधी नेता के तौर पर रही है। यही वजह है कि पिछले साल दिल्ली की सत्ता पर काबिज हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने का एक मौका भी नहीं छोड़ते। अब भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) ने खुलासा किया है कि केजरीवाल सरकार ने पीएम मोदी को कोसने पर तकरीबन 70 लाख रुपए खर्च कर दिए। वहीं, सरकार पर यह भी आरोप है कि खर्च को व्योरा भी नहीं दिया है।

CAG की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने महज एक विज्ञापन अभियान पर ही 33.4 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। यह भी पता चला है कि इसका 85 फीसद हिस्‍सा दिल्‍ली के बाहर खर्च किया गया।

सवालों में घिरी दिल्ली सरकार

CAG की यह रिपोर्ट आम आदमी पार्टी सरकार की सत्‍ता के पहले साल में विज्ञापन पर किए गए धुआंधार खर्च पर उंगली उठाती है। 55 पन्‍नों की रिपोर्ट में सीएजी ने दिल्‍ली सरकार पर टेलीविजन विज्ञापनों पर जनता के धन का इस्‍तेमाल करने का आरोप लगाया है।

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्‍ली सरकार ने टीवी पर एक व्‍यक्ति को झाड़ू लहराते दिखाया जो AAP का चुनाव चिन्‍ह है, और उन्‍होंने ‘AAP की सरकार’ का संदर्भ दिया जो पार्टी का प्रचार है, न कि सरकार का।

रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्‍य सरकार की बहुत सी उपलब्धियों को मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी प्रयासों की बदौलत दिखाया गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा दोनों कई बार घेर चुकी हैं।

100 करोड़ का हिसाब नहीं मिल रहा

CAG रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AAP सरकार ने विज्ञापनों पर जो 526 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, वह उनमें से 100 करोड़ से ज्‍यादा का हिसाब दे पाने में नाकाम रही है।

केंद्र को दोषी ठहराने के लिए किए 70 लाख रुपए खर्च

CAG की रिपोर्ट में कहा गया है कि आप सरकार ने दिल्ली की खराब कानून व्‍यवस्‍था पर केंद्र सरकार को कोसने के लिए ही 70 लाख रुपए खर्च कर दिए।

मोदी की आलोचना में फूंक दिए 70 लाख: CAG

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-