मोबाइल फोन में इस्तेमाल किए जाने वाले एक उपकरण पर दो फीसदी विशेष अतिरिक्त शुल्क लगाने से ‘मेड इन इंडिया’ मोबाइल फोन की कीमत बढ़ने की संभावना है। मोबाइल फोन में इस्तेमाल पोपुलेटेड प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) का आयात किया जाता है। इसकी कीमत मोबाइल फोन की कुल लागत का करीब 50 फीसदी के बराबर होती है। ऐसे में अनुमान है कि मोबाइल फोन की कीमत कम से कम एक-दो फीसदी बढ़ जाएगी। पीसीबी को मोबाइल फोन का हार्ट माना जाता है। इस बारे में पूछे जाने पर पैनासोनिक इंडिया के सीईओ मनीष शर्मा ने कहा कि इससे मोबाइल हैंडसेट की कीमत के एक से दो फीसदी बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में इस लागत की भरपाई उपभोक्ताओं से ही करनी पड़ेगी क्योंकि कंपनियां इतना बोझ उठाने की स्थिति में नहीं हैं। हालांकि अन्य हैंडसेट निर्माता कंपनियों ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

काउंटर प्वाइंट रिसर्च के वरिष्ठ विश्लेषक तरुण पाठक ने कहा कि अतिरिक्त शुल्क में दो फीसदी की बढ़ोतरी से निश्चिततौर पर मोबाइल हैंडसेट की कीमत बढ़ेगी लेकिन यह निर्माता कंपनी पर निर्भर करता है कि वह इसकी भरपाई ग्राहकों से करती है या फिर खुद बोझ उठाती है।

उन्होंने कहा कि हो सकता है कि कंपनियां अन्य चीजों से समझौता करें और इस लागत की भरपाई करे। उन्होंने कहा कि भारत में ही पीसीबी का निर्माण अभी आसान नहीं है। मुख्य रूप से अभी इसका आयात ही किया जाता है। वैसे सरकार का कहना है कि उसने यह कदम देश में ही पीसीबी के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उठाया है।

‘मेड इन इंडिया’ मोबाइल फोन होगा महंगा

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