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प्रदेश सरकार जल्द ही मृतक आश्रितों को शिक्षक बनने का मौका देने जा रही है। इस बाबत नियमकायदे तय करने के लिए अगले महीने कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग को तैयारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात किसी शिक्षक की मौत होने पर उनके आश्रित को नौकरी देने का नियम तो है, मगर उन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद दिया जाता है।

यही वजह है कि शिक्षक पद के लिए जरूरी योग्यता होने पर भी तमाम मृतक आश्रित दफ्तरों में पानी पिला रहे हैं। इस नियम को बदलवाने के लिए शिक्षक संगठन भी लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। चुनावी वर्ष में राज्य सरकार ने यह मांग मानने का विचार किया है।

इसके तहत उन मृतक आश्रितों को सरकार बीटीसी कराएगी, जो स्नातक होंगे। उन्हें बिना किसी प्रवेश परीक्षा के बीटीसी कोर्स में दाखिला दिया जाएगा। हालांकि, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर उन्हें कोई रियायत नहीं दी जाएगी।

यह परीक्षा उन्हें खुद पास करनी होगी। टीईटी पास करने पर उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती मिलेगी। शासन के सूत्रों के मुताबिक, मृतक आश्रितों को नौकरी देने के लिए नियमावली तैयार कराई जा रही है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर इसे लागू कर दिया जाएगा।

बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन का कहना है राज्य सरकार उच्च शिक्षित मृतक आश्रितों को सहायक अध्यापक की नौकरी देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगले महीने इस बाबत कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।

मृतक आश्रितों को सरकार देगी शिक्षक बनने का मौका

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