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हड़ताली जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से केजीएमयू में मरीजों की मौत पर हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि डॉक्टरों के इलाज से इन्कार करने से जान गंवा चुके बेकसूर मरीजों के परिवारीजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाय।

मुआवजे की रकम 4 दिन तक हड़ताल में शामिल रहे डॉक्टरों के वेतन और भत्तों से वसूला जाए। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि वह सात दिन के अंदर अपने न्यायिक अधिकारियों की एक हाई पावर्ड कमेटी बनाए।

यह कमेटी जांच जांच करेगी कि 30 मई से 2 जून 2016 के बीच हड़ताल की वजह से इलाज से न मिलने से कितने मरीजों की मौत हुई है। रिपोर्ट दो महीने में देनी होगी।

मृतकों के परिवारीजनों को 25-25 लाख मुआवजा दो

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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