दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने सत्ता की चाभी इस बार मुसलमानों के हाथ में होने का दावा करते हुए उनसे बसपा को वोट देने की अपील की है। लखनऊ में मौजूद बुखारी ने कहा कि बीते पांच साल में प्रदेश के मुसलमान बदहाली का शिकार हुए हैं। सपा पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि घोषणापत्र के वादों पर अमल की बजाए सपा ने 400 से अधिक दंगों में मुसलमानों का भावनात्मक शोषण किया है।

एक दिन पहले उलेमा कौंसिल द्वारा बसपा को समर्थन दिए जाने के बाद गुरुवार को कुछ ऐसी ही अपील लेकर बुखारी पत्रकारों के सामने थे। उलेमा कौंसिंल के अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी के साथ तो बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी मौजूद थे, लेकिन शाही इमाम के साथ बसपा का कोई नेता नहीं था। इमाम ने कहा कि बसपा की सरकार बनने पर मुसलमानों और अवाम के लिए शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार का वादा बसपा के एक वरिष्ठ नेता से मिला है। हालांकि उन्होंने बसपा नेता का नाम बताने से इन्कार कर दिया। बुखारी ने कहा कि पांच साल में कई बार उन्होंने मुसलमानों के हित के लिए मुलायम सिंह से कहा, जिस पर उन्होंने मेरे सामने ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से कहा, लेकिन अखिलेश ने उनकी कोई बात नहीं सुनी।

बुखारी ने अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि जो अपने बाप का नहीं हो सकता, वो अवाम का क्या होगा। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू करने और मुसलमानों को आरक्षण देने के वादों पर भी उन्होंने सपा सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि बसपा सरकार बनने पर सभी के लिए कानून-व्यवस्था बेहतर होगी। बुखारी ने कहा कि मुसलमानों ने यादव प्रत्याशियों को जिताया, लेकिन यादवों ने मुसलमानों को वोट नहीं दिया।

मुसलमानों के हाथों में है सत्ता की चाभी : बुखारी

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