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लखनऊ। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव जब भी संकट में फंसे, अमर सिंह ने उन्हें उबारा। मगर, आज सपा के इस पारिवारिक ड्रामे के केंद्र में वही अमर सिंह हैं। उन्हीं की वजह से ही मुलायम ने भरी सभा में अखिलेश को फटकार लगाई। ऐसे में हर किसी के जहन में सवाल उठ रहा है कि ऐसा क्यों?

खुद मुलायम सिंह ने उनकी जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में बुरी तरह से घिर गया था। तब अमर सिंह ने ही मुझे जेल जाने से बचाया था। इसीलिए अमर सिंह के खिलाफ मुलायम एक शब्द भी नहीं सुनना चाहते हैं। दोनों की दोस्ती की शुरुआत उस समय हुई, जब कांग्रेस के वीर बहादुर सिंह (1985-88) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।

अमर सिंह ने औपचारिक तौर पर 1996 में एसपी की सदस्यता ली और मुलायम ने उन्हें राज्यसभा में भेज दिया। इसी साल तीसरे मोर्च की सरकार के दौरान मुलायम सिंह को पीएम पद की कुर्सी पास नजर आने लगी। उनकी उम्मीदें अमर सिंह से बहुत बढ़ गईं और अमर सिंह ने समाजवादी पार्टी और उद्योगपतियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए फंड जुटाया।

सादगी भरे सैफई की समाजवादी राजनीति में अमर सिंह ने बॉलिवुड के ग्लैमर का तड़का लगाकर उसे देशदुनिया की नजरों में ला दिया। अमर और मुलायम की दोस्ती 2003 में परवान चढ़ गई। इसकी वजह थी कि अमर सिंह ने बीएसपी को तोड़कर एसपी की सरकार बनाने में महती भूमिका निभाई।

इस बार अमर सिंह ने अपनी जाति का इस्तेमाल करते हुए मुलायम के पक्ष में विधायकों को लाने का काम किया। बाद में मुलायम सिंह यादव ने यूपी डिवेलपमेंट काउंसिल का गठन किया और अमर सिंह को उसका चेयरमैन बनाया। काउंसिल में कारोबारी अनिल अंबानी, अदि और परमेश्वर गोदरेज, कुमार मंगलम बिड़ला, एलके खैतान और सुब्रत रॉय सहारा जैसी दिग्गज हस्तियां सदस्य थीं।

मुलायम ने ‘अमर कथा’ के लिए अखिलेश को झाड़ा

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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